चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शुक्रवार को अपना तीन दिवसीय अमेरिका दौरा खत्म किया. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बातचीत से चीन-अमेरिका संबंधों को नई गहराई दी है. शी जिनपिंग ने दोनों देशों के रिश्तों के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद जताई है.
शी जिनपिंग ने शुक्रवार सुबह व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ चाय पर भी बातचीत की. इस दौरान ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों ने दौरे के दौरान बहुत बड़ी प्रगति की है. उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे अमेरिकी किसानों को काफी फायदा होगा.
शी ने कहा कि वह इस साल ट्रंप से दो और बार मिलने की उम्मीद कर रहे हैं. दोनों नेताओं की अगली मुलाकात नवंबर में चीन में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) सम्मेलन और उसके बाद अमेरिका में होने वाले जी-20 सम्मेलन में हो सकती है. शी ने ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया को चीन आने का न्योता भी दिया.
व्हाइट हाउस में मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में शी ने कहा कि चीन और अमेरिका के रिश्तों को सम्मान, बराबरी और एक-दूसरे के हितों का ध्यान रखते हुए आगे बढ़ाया जाना चाहिए. दोनों देशों के रिश्ते पहले से ज्यादा स्थिर और रचनात्मक बनाने पर सहमति बनी है. इससे चीन-अमेरिका संबंधों के बेहतर भविष्य की उम्मीद बढ़ी है.
दोनों नेताओं ने अमेरिका के राष्ट्रीय अभिलेखागार का भी दौरा किया. यहां ट्रंप ने शी को अमेरिका की स्वतंत्रता की घोषणा दिखाई. ट्रंप ने अमेरिका के 250 साल और चीन के हजारों साल पुराने इतिहास का जिक्र करते हुए दोनों देशों के इतिहास में अंतर की बात कही.
व्यापार को लेकर बनी सहमति
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने कहा कि अमेरिका और चीन ने कुछ सामानों के व्यापार को लेकर समझौते किए हैं. इनमें अमेरिकी कृषि उत्पाद और चिकित्सा उपकरणों के साथ चीन के कुछ गैर-संवेदनशील सामान शामिल हैं. ट्रंप प्रशासन सोमवार को इस समझौते की ज्यादा जानकारी साझा करेगा. ट्रंप ने भी कहा कि अमेरिकी किसान इस दौरे के नतीजों से खुश होंगे.
चीन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों देशों की आर्थिक और व्यापारिक टीमों ने एक नई साझा व्यवस्था पर सहमति बनाई है. चीन ने कहा कि इससे दोनों देशों के उद्योगों और लोगों के साथ-साथ दुनिया की अर्थव्यवस्था को भी फायदा हो सकता है.
एआई पर भी हुई चर्चा, शी बोले- इंसानों के नियंत्रण में रहे
शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका दोनों के पास कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के क्षेत्र में मजबूत क्षमता है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में मुकाबला हो सकता है, लेकिन सहयोग की संभावनाएं भी ज्यादा हैं.
चीन के बयान के मुताबिक, शी ने कहा कि एआई को इंसानों के नियंत्रण में रखा जाना चाहिए और इसके जोखिमों और फायदों पर दोनों देशों को बातचीत जारी रखनी चाहिए. उन्होंने एआई के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए मिलकर काम करने की बात भी कही.
वहीं, ट्रंप ने बताया कि उन्होंने शी जिनपिंग के साथ ईरान के साथ युद्ध को लेकर भी बातचीत की. जब पत्रकार ने पूछा कि क्या इस मुद्दे पर चर्चा हुई और क्या इसमें कोई प्रगति होगी, तो ट्रंप ने कहा, 'हां, हुई. मुझे लगता है कि हम अच्छा करेंगे.'