अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में स्थित ईरानी दूतावास ने दावा किया है कि ईरान की कड़ी चेतावनी के बाद अमेरिका ने उसके एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की योजना टाल दी. डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर ईरान ने कहा कि हमारी वार्निंग से अमेरिका डर गया और अपनी योजना बदल दी. दूतावास के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने हमले को स्थगित करने का आदेश दिया. दावा किया गया है कि ईरान ने स्पष्ट किया था कि अगर उसके एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ, तो वह पूरे क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाएगा. वहीं, न्यूज एजेंसी AP की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी सरकारी टेलीविजन ने कहा कि 'ईरान की कड़ी चेतावनी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति पीछे हट गए.'
दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अहम बयान देते हुए कहा है कि उन्होंने अमेरिकी रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि ईरान के बिजली संयंत्रों और ऊर्जा ढांचे पर किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल पांच दिनों के लिए रोक दिया जाए. यह निर्णय अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में हुई सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत के बाद लिया गया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा था?
ट्रंप ने अपने सोशल प्लेटफार्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि दोनों देशों के बीच मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को खत्म करने के लिए गंभीर स्तर पर चर्चा चल रही है. उन्होंने कहा कि बातचीत का रुख सकारात्मक है और इसी को ध्यान में रखते हुए हमलों को अस्थायी रूप से टालने का फैसला किया गया है.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगे की बातचीत की प्रगति के आधार पर ही अगला कदम तय होगा. गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी थी कि यदि 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो उसके ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है.
हालिया घटनाक्रम से संकेत मिल रहा है कि दोनों देश अब तीखी बयानबाजी से आगे बढ़कर कूटनीतिक समाधान की दिशा में प्रयास कर रहे हैं.
ईरान की न्यूज एजेंसी तसनीम ने एक ईरानी सूत्र का हवाला देते हुए कहा है कि जब तक 'मनोवैज्ञानिक युद्ध' जारी रहेगा, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज युद्ध-पूर्व की स्थितियों में वापस नहीं लौटेगा.