scorecardresearch
 

भारत के लिए अमेरिका खोलेगा एनर्जी का नया दरवाजा? तेल-LNG सप्लाई बढ़ाने का बड़ा ऐलान

भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के लिए तेल अमेरिका एलएनजी और एलपीजी सप्लाई बढ़ाने की तैयारी में है. एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि वेनेजुएला में सफल ऑपरेशन के बाद हम बेहतर स्थिति में आ रहे हैं. भारत जैसे देशों को उस बाजार तक पहुंच मिल सकेगी.

Advertisement
X
फाइल फोटो. (Reuters)
फाइल फोटो. (Reuters)

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को लेकर काफी सजग है. केंद्र सरकार कई दफा कह चुकी है वो ऊर्जा जरूरतों को प्राथमिकता देगी. इसके लिए उसके पास कई विकल्प हैं. भारत के रुख को देखते हुए अमेरिका ने बड़ा ऑफर दिया है. अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिका इन मांगों को पूरा करने की कोशिश कर रहा है.

दरअसल, पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ़ 2026' पर हस्ताक्षर करके इसे कानून बना दिया. यह कानून उन्हें चीन और भारत समेत उन देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है, जो रूस से तेल और गैस खरीदते हैं.

विधेयक और द्विपक्षीय संबंधों पर इसके असर के बारे में भारत की प्रतिक्रिया से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस ने काफी सख्त रुख अपनाया है. भारत लंबे समय से अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की कोशिश कर रहा है. भारत एक ऐसा देश है, जिसकी ऊर्जा जरूरतें बहुत ज्यादा हैं.

भारत के भी अपने घरेलू हित

उन्होंने कहा कि अमेरिका की तरह भारत के भी अपने घरेलू हित हैं. हिलाजा कोई कड़वाहट नहीं है. वहीं, विधेयक पर भारत की चिंताओं को लेकर अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस ने ऐसा विधेयक पारित किया जिसने राष्ट्रपति ट्रंप को उनके टूलबॉक्स में एक नया हथियार दिया है.

Advertisement

उन्होंने कहा, इसका मतलब ये नहीं कि वह कल ही इसका इस्तेमाल करेंगे. हालांकि, ऐसा करने का मौका जरूर है. ट्रंप का पूरा फोकस जंग को खत्म करना है. ये ऐसा मुद्दा था जिसे उन्होंने चुनाव में भी उठाया था और इसके लिए वो कमिटेड हैं.

भारत जैसे मित्र देश इसमें मदद करेंगे

उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद हैं भारत जैसे मित्र देश इस कोशिश में मदद करेंगे. हालांकि, यह भी देखना होगा कि इस विधेयक को कैसे लागू किया जाता है. इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी व्यापक छूट भी है. दुर्भाग्य से लंबे समय तक वेनेजुएला और ईरान से सप्लाई बंद थी. इसलिए विकल्प बहुत सीमित थे.

उन्होंने कहा, अब वेनेज़ुएला में ट्रंप के सफल ऑपरेशन के बाद हम बेहतर स्थिति में आ रहे हैं. अब भारत जैसे देशों को उस बाजार तक पहुंच मिल सकेगी. भारत की वेनेजुएला में रिफाइनरियां थीं लेकिन मादुरो सरकार ने इस इंडस्ट्री जिस तरह से नुकसान पहुंचाया है, उसे देखते हुए रिफाइनरियों को फिर से चालू करना काफी मुश्किल है.

अधिकारी ने कहा, हम भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का एक बड़ा जरिया बनना चाहते हैं. हम हाइड्रोकार्बन एक्सपोर्ट को बढ़ा रहे हैं. अमेरिका अब एलपीजी का सबसे बड़ा और एलएनजी का दूसरा सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है.

---- समाप्त ----
Live TV

TOPICS:
Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement