Vish Yog 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल और उनके आपसी संयोग से कई शुभ और अशुभ योगों का निर्माण होता है. भाद्रपद पूर्णिमा यानी 26 सितंबर 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील रहने वाला है. इस दिन चंद्रमा के मीन राशि में प्रवेश करते ही वहां पहले से विराजमान शनि देव के साथ उनकी युति बनेगी.
शनि और चंद्रमा का एक ही राशि में साथ आना ज्योतिष में 'विष योग' कहलाता है. चंद्रमा मन, मस्तिष्क और भावनाओं का कारक है, जबकि शनि दुख, न्याय, अनुशासन और विरक्ति के प्रतीक हैं. जब ये दोनों ग्रह एक साथ आते हैं, तो व्यक्ति के मन में नकारात्मकता, तनाव, भय और डिप्रेशन की स्थिति पैदा होती है. आइए जानते हैं कि 26 सितंबर को बनने वाले इस विष योग के कारण किन 4 राशियों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है.
सिंह राशि (Leo)- 'अचानक धन हानि और दुर्घटना का भय'
कैसा रहेगा प्रभाव: आपकी राशि से आठवें (आयु व संकट) भाव में विष योग का निर्माण होगा. वाहन चलाते समय या यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतें. किसी को भी उधार पैसा देने से बचें, धन डूबने के प्रबल आसार हैं. अपने गुप्त शत्रुओं और विरोधियों से सावधान रहें.
कन्या राशि (Virgo)- 'दांपत्य जीवन में तनाव और व्यापार में सावधानी'
कैसा रहेगा प्रभाव: आपकी राशि से सातवें (साझेदारी व जीवनसाथी) भाव में शनि-चंद्र की युति होगी. जीवनसाथी के साथ बेवजह की बहस या वैचारिक मतभेद हो सकते हैं. बिजनेस पार्टनर्स के साथ पारदर्शिता बनाए रखें, कोई गलतफहमी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है. कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ शांत रहकर काम लें.
धनु राशि (Sagittarius)- 'पारिवारिक कलह और कार्यक्षेत्र में रुकावट'
कैसा रहेगा प्रभाव: यह अशुभ योग आपकी राशि के चौथे (सुख व माता) भाव में बनने जा रहा है. माता जी के स्वास्थ्य की चिंता सता सकती है. घर-परिवार का माहौल थोड़ा तनावपूर्ण रह सकता है और संपत्ति से जुड़ा विवाद उभर सकता है. नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर वरिष्ठों के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है.
मीन राशि (Pisces)- 'मानसिक तनाव और स्वास्थ्य पर असर'
कैसा रहेगा प्रभाव: यह विष योग आपकी ही राशि यानी प्रथम (लग्न) भाव में बनने जा रहा है. अनजाना भय, मानसिक उलझन और बेचैनी हावी रह सकती है. सेहत को लेकर लापरवाही भारी पड़ सकती है; सिरदर्द या अनिद्रा की समस्या हो सकती है. किसी भी बड़े वित्तीय फैसले या निवेश को फिलहाल टाल देना ही बेहतर होगा.
विष योग के अशुभ प्रभाव से बचने के अचूक उपाय
- विष योग का प्रभाव कम करने के लिए शिवलिंग पर कच्चा दूध, जल और काले तिल अर्पित करें. शिव जी ने स्वयं हलाहल विष को धारण किया था, इसलिए उनकी पूजा से इस योग का असर निष्फल हो जाता है.
- हनुमान जी की उपासना करने से शनि देव के दुष्प्रभाव तुरंत शांत होते हैं.
- सरसों के तेल में अपना चेहरा देखकर उस तेल और एक सिक्के का दान किसी जरूरतमंद को करें.
- ऊं नमः शिवाय और ऊं शं शनैश्चराय नमः मंत्रों का 108 बार जाप करें.