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आतंक के खात्मे के लिए श्रीलंका सख्त, अवैध विदेशी मौलवियों को देश निकाला

पीएम रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि श्रीलंका में गैरकानूनी तरीके से शिक्षा दे रहे विदेशी मौलवियों को देश से बाहर किया जाएगा. श्रीलंका की सरकार के मुताबिक इन हमलों के बाद से 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि देश में इस्लामिक स्टेट आतंकी समूह के करीब 140 समर्थक हैं.

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21 अप्रैल को फिदायीन हमले के बाद गिरिजाघरों की जांच करते सुरक्षाकर्मी (फोटो-एएनआई)
21 अप्रैल को फिदायीन हमले के बाद गिरिजाघरों की जांच करते सुरक्षाकर्मी (फोटो-एएनआई)

आतंकी संगठन ISIS द्वारा किये गए हमले के बाद चरमरायी श्रीलंका के लोगों की जिंदगी 7 दिन बाद कर्फ्यू की जद से बाहर आई है. इसके साथ ही श्रीलंका की सरकार इस्लामी कट्टरपंथ को खत्म करने के लिए कठोर कानून बना रही है. श्रीलंका ने कहा है कि देश में गैरकानूनी तरीके से तालीम दे रहे विदेशी मौलवियों को बाहर किया जाएगा.

श्रीलंका की सरकार ने 21 अप्रैल को ईस्टर के दिन हुए धमाके के बाद देश भर में कर्फ्यू लागू कर कर दिया था. पिछले कुछ दिनों में हालात में थोड़ा सुधार के बाद अधिकारियों ने रात में कर्फ्यू हटाने का फैसला लिया है. बता दें कि श्रीलंका की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा पर्यटन पर आधारित है. कर्फ्यू होने की वजह से यहां के टूरिज्म इंडस्ट्री को भारी नुकसान झेलना पड़ा था.

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हमले में शामिल कट्टरपंथी मारे गए- रानिल विक्रमसिंघे

इस बीच श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने रविवार को कहा कि सुरक्षा बलों ने फिदायीन हमले से जुड़े इस्लामी कट्टरपंथियों को या तो मार गिराया गया है, या उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक विक्रमसिंघे ने कहा कि देश में हालात फिर से सामान्य हो रहे हैं. श्रीलंका की सरकार ने कहा है कि इस्लामी कट्टरपंथ का खात्मा करने के लिए कठोर कानून लाने की योजना बनाई गई है. पीएम रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि श्रीलंका में गैरकानूनी तरीके से शिक्षा दे रहे विदेशी मौलवियों को देश से बाहर किया जाएगा. श्रीलंका की सरकार के मुताबिक इन हमलों के बाद से 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि देश में इस्लामिक स्टेट आतंकी समूह के करीब 140 समर्थक हैं.

श्रीलंका में आतंकी संगठन ISIS ने ईस्टर के दिन देश के गिरजाघरों और होटलों को निशाना बनाकर सिलसिलेवार आठ आत्मघाती विस्फोट किए थे. इन विस्फोटों में 10 भारतीयों समेत 253 लोग मारे गये थे. इसके बाद समंदर की गोद में बसे इस देश के पूरे भूभाग में कर्फ्यू लगा दिया गया था. इस बीच विस्फोटों में शामिल होने के संदेह में पुलिस ने एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. पुलिस प्रवक्ता रूवान गुणाशेखरा ने बताया, "आज रात राष्ट्रव्यापी कर्फ्यू नहीं है, कर्फ्यू केवल कलमुनाई, सामंथुरई और चावलाकेड क्षेत्रों में आज शाम पांच बजे से लागू रहेगा."

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24 घंटे में 48 संदिग्ध पकड़े गए

इस बीच हमला में शामिल आतंकियों की धरपकड़ जारी है. श्रीलंका की मीडिया के मुताबिक पिछले 24 घंटे में देशव्यापी ऑपरेशन में 48 संदिग्धों को पकड़ा गया है. इस ऑपरेशन में श्रीलंका पुलिस, सेना और एसटीएफ के अधिकारी शामिल हैं. पुलिस इनसे लगातार पूछताछ कर रही है और इनसे मिलने वाले लीड के आधार पर नए छापे मार रही है. ऐसे ही एक छापे के दौरान शनिवार को श्रीलंका की सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध आतंकियों के बीच भीषण गोलीबारी हुई थी. इसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी. 

पुलिस ने बताया है कि सिनामन ग्रांड होटल और शांग्री-ला होटल में विस्फोट करके खुद को उड़ाने वाले दो आत्मघाती हमलावरों के बड़े भाइयों इब्राहिम मोहम्मद और इरफान अहमद को तलवार और एक एयर राइफल रखने के लिए डेमाटागोडा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया. गुणाशेखरा ने बताया कि पुलिस ने पूर्वी श्रीलंका में छापे की कार्रवाई के दौरान एक आतंकवादी के घर से मां और बच्चे को बचाया इनकी पहचान सिलसिलेवार बम विस्फोटों के आत्मघाती हमलावर और षड्यंत्रकर्ता मोहम्मद ज़हरान हाशिम की पत्नी और चार वर्षीय पुत्री के रूप में हुई है.

(भाषा के इनपुट के साथ)

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