scorecardresearch
 

'ऐसे कथावाचकों को बुलाया तो लेने के देने पड़ जाएंगे...', अखिलेश यादव ने धीरेंद्र शास्त्री पर साधा निशाना

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विवादित कथावाचकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने बिना नाम लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए ऐसे कथावाचकों और उनके आयोजकों को चेतावनी दी कि वे समाज में वैमनस्य फैलाने वाले बयान देने से बचें.

Advertisement
X
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधा है
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधा है

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने श्रीराम और श्रीकृष्ण के बीच तुलना वाले बयान को लेकर बागेश्वर धाम पीठाधीश धीरेंद्र शास्त्री पर हमला बोला है. हालांकि उन्होंने बिना नाम लिए, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट लिखी है और निशाना साधा है. अखिलेश यादव ने ऐसे कथावाचकों के कार्यक्रम आयोजित करने वालों को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि समाज में वैमनस्य पैदा करने वाले कथावाचकों को बुलाने वालों को भी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. 

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में किसी कथावाचक का नाम लिए बिना लिखा कि कुछ तथाकथित कथावाचक बोलने और पहनने से तो कथावाचक दिखाई देते हैं, लेकिन कथा और प्रवचन उनके लिए व्यवसाय बन चुका है. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग समय-समय पर अपनी भौतिक उपलब्धियों का दिखावा करते हैं और सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए अनर्गल बयान देते रहते हैं. अखिलेश ने कहा, 'धन ही इनका धर्म होता है.'

आयोजकों और प्रायोजकों को दी चेतावनी

सपा प्रमुख ने कहा कि आयोजकों और प्रायोजकों को यह समझना चाहिए कि विवादित बयान देने वाले कथावाचक राजनीतिक संरक्षण के चलते बच निकल सकते हैं, लेकिन कार्यक्रम आयोजित करने वालों को उसी शहर में जनता के बीच रहना होता है. ऐसे कथावाचकों के बयानों से पैदा होने वाले सामाजिक तनाव का सामना स्थानीय आयोजकों को ही करना पड़ सकता है.

Advertisement

अखिलेश यादव ने कहा कि जब जनता को विवादित बयान देने वाले लोग नहीं मिलेंगे, तो उसका गुस्सा उन्हें बुलाने वाले आयोजकों और प्रायोजकों पर निकल सकता है. श्रद्धालुओं को यह भी लग सकता है कि भगवान के बारे में कही गई आपत्तिजनक बातों से आयोजक भी सहमत हैं. इससे स्थानीय स्तर पर उनका विरोध बढ़ सकता है.

यह भी पढ़िएः धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ FIR दर्ज कराने पहुंचे पप्पू यादव, भगवान कृष्ण पर टिप्पणी को लेकर हंगामा

'सारी राजनीति धरी की धरी रह जाएगी'

अखिलेश ने आगे कहा कि जो लोग ऐसे कथावाचकों को बुलाकर स्थानीय स्तर पर अपना प्रभाव बढ़ाना चाहते हैं, उन्हें इसका उलटा परिणाम भुगतना पड़ सकता है. उनकी धार्मिक छवि को नुकसान पहुंच सकता है और जनता उन्हें धर्म तथा भगवान विरोधी मान सकती है. उन्होंने लिखा कि ऐसे आयोजकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से भारी नुकसान हो सकता है. सामान्य शब्दों में कहें तो उन्हें 'लेने के देने पड़ जाएंगे' और उनकी सारी राजनीति धरी की धरी रह जाएगी.

'समाज और सनातन के बीच खाई पैदा न होने दें'

अखिलेश यादव ने आयोजकों और प्रायोजकों से अपील करते हुए कहा कि समाज और सनातन के बीच खाई पैदा करने वाले लोगों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए. उन्होंने चेताया कि ऐसे लोगों को संरक्षण देकर आयोजक भी उनके कथित अपमानजनक बयानों के लिए जिम्मेदार माने जा सकते हैं. सपा प्रमुख ने कहा कि देश में अनेक विद्वान कथावाचक और विचारक मौजूद हैं, जिन्हें वैदिक और औपनिषदिक ज्ञान की गहरी समझ है. आयोजकों को ऐसे विद्वानों को आमंत्रित करना चाहिए, जो समाज को जोड़ने और मानव जीवन को बेहतर बनाने का संदेश देते हैं.
 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement