मक्का (Mecca) विश्व की सबसे प्राचीन और पवित्र नगरी मानी जाती है, जो आज के सऊदी अरब में स्थित है. यह इस्लाम धर्म का सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थान है, जहां हर साल दुनिया भर से लाखों मुसलमान हज और उमरा करने आते हैं. मक्का का धार्मिक महत्व इतने वर्षों से बना हुआ है कि इसे इस्लाम का आध्यात्मिक केंद्र कहा जाता है.
इस पवित्र शहर के मध्य में स्थित है मस्जिद-अल-हरम, जिसके भीतर काबा शरीफ है. मुसलमान काबा की ओर मुंह करके नमाज पढ़ते हैं, इसलिए यह दिशा किबला कहलाती है. काबा का इतिहास अत्यंत प्राचीन है और माना जाता है कि इसकी स्थापना पैगंबर इब्राहिम और उनके पुत्र इस्माइल ने की थी.
मक्का न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से भी समृद्ध रहा है. पुराने समय में यह व्यापार का बड़ा केंद्र था और अरब के विभिन्न हिस्सों को जोड़ता था. आज यह आधुनिक सुविधाओं से युक्त, विश्वस्तरीय प्रबंधन और सुरक्षा वाले शहरों में गिना जाता है.
हज के दिनों में मक्का की व्यवस्थाएं दुनिया के सामने एक अनुशासन और आस्था की मिसाल प्रस्तुत करती हैं. यह शहर अपने आध्यात्मिक वातावरण, ऐतिहासिक धरोहर और अद्भुत आस्था की शक्ति से हर आगंतुक के मन में शांति और श्रद्धा का संचार करता है.
पेट्रोल-डीजल के विकल्प की तलाश में वैज्ञानिकों ने बांस से तेल बनाने का तरीका खोजा है. लैब में सिर्फ 10 मिनट में तेल जैसा पदार्थ तैयार हुआ. दावा है कि बड़े स्तर पर उत्पादन होने पर इसकी लागत भी कम हो सकती है.
असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया कि इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया की उड़ानें रद्द होने से करीब 4,000 भारतीय उमरा जायरीन सऊदी अरब में फंस गए हैं. उन्होंने DGCA से बड़ी फ्लाइट चलाने या विशेष उड़ानों का इंतजाम करने की मांग की है.
रियाद स्थित भारत के दूतावास ने कहा है कि उमरा पर सऊदी अरब आ रहे जायरीन इस बात को ध्यान में रखें कि उनकी फ्लाइट कैंसिल हो सकती है, ऐसी स्थिति में उन्हें ज्यादा दिनों तक रुकना पड़ सकता है, दूतावास ने कहा है कि जो घटनाएं हो रही हैं, उनसे जुड़ी किसी भी जानकारी, फोटो या वीडियो को रिकॉर्ड करने, पब्लिश करने या शेयर करने से बचें.
सऊदी अरब पर हूतियों के हमले जारी है. इस बीच सऊदी ने मदीना में एक क्रूज मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया है. सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हमलों की पुष्टि की, लेकिन हमले के पीछे किसका हाथ है, इसका खुलासा नहीं हो सका है. वहीं, हूतियों ने मदीना पर हमले से इनकार किया है.
मशहूर यूट्यूबर मिस्टर फैजू उर्फ फैसल शेख दूल्हा बन गए हैं. 10 अक्टूबर को फैजू ने मदीना में अल्लाह के सामने तान्या से निकाह किया और उम्रभर साथ निभाने का वादा किया. फैजू और तान्या की ड्रीमी वेडिंग ने फैन्स का दिल जीत लिया है.
पाकिस्तानी सेना अपनी आंतरिक चुनौतियों के बावजूद सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए तैनात है. क्या मुनीर के सेना हूतियों से लड़ाई कर पाएगी?
मक्का समझौता अब सिर्फ कागज़ों पर सिमटा कोई समझौता नहीं रहा. सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान ने मिलकर अपने सामूहिक रक्षा तंत्र को सक्रिय यानी एक्टिव कर दिया है और इसका समय बेहद मायने रखता है. रियाद में हुई एक आपातकालीन बैठक के बाद सऊदी अरब में त्वरित सैन्य तैनाती, एयर डिफेंस सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने की योजना लागू कर दी गई है. लेकिन सवाल यह है कि आखिर इस वक्त ऐसा क्या हुआ? कूटनीति में आज इसी की बात करेंगे.
पाकिस्तान ने मक्का पैक्ट को एक्टिवेट करने की घोषणा कर दी है, बावजूद इसके हूती अडिग हैं. वे सऊदी अरब पर लगातार हमला कर रहे हैं. सोमवार और मंगलवार को हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के 3 एयरपोर्ट पर हमला किया है. इसमें कई लोग घायल हुए हैं.
सऊदी पर हूती हमलों के बीच मक्का अलायंस की बैठक को लेकर हलचल तेज है. रियाद में होने वाली इस बैठक में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की से जुड़े कई बड़े अधिकारी शामिल होंगे.
गर्मी बढ़ी, बारिश कम हुई और यूरोप की खेती का हिसाब बिगड़ गया. गेहूं, मक्का और जौ समेत अनाज का उत्पादन तेजी से घटा है. नए आकलन में किसानों को करीब €3.2 अरब के नुकसान का अनुमान लगाया गया है.
सऊदी की सुरक्षा को लेकर रियाद में मक्का पैक्ट के तीनों देशों के सैन्य प्रमुखों की बैठक हुई. पाकिस्तान, तुर्किए और सऊदी अरब ने सैन्य सहयोग बढ़ाने की बात कही.
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के तहत सैन्य प्रमुखों की आपात बैठक बुला रहे हैं. 24 सितंबर के हूती मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद यह कदम उठाया गया. समझौते में एक पर हमला सभी पर हमला माना गया है.
हूती हमलों के बीच सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के चीफ ऑफ स्टाफ की जल्द अहम बैठक होने वाली है. वहीं सऊदी के ग्रैंड मुफ्ती ने सैनिकों से हूतियों के खिलाफ लड़ाई में जान देने तक के लिए तैयार रहने की अपील की है.
1971 की जंग में भारतीय सेना से लड़ते हुए पाकिस्तानी अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल राजा सुल्तान महमूद मारे गए थे. अब करीब 55 साल बाद उनके बेटे रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल नौमान महमूद को पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के मक्का डिफेंस पैक्ट का पहला सेक्रेटरी जनरल बनाया गया है.
आज जिस सऊदी अरब को मक्का और मदीना के पवित्र शहरों का संरक्षक माना जाता है, उसकी कहानी करीब एक सदी पहले बिल्कुल अलग थी. तब मक्का पर पैगंबर मोहम्मद के वंश से जुड़े हाशमी परिवार का शासन था और मध्य अरब में इब्न सऊद अपनी ताकत बढ़ा रहे थे.
सऊदी अरब ने दावा किया कि मक्का के दक्षिण में हूतियों का ड्रोन रोककर नष्ट किया गया, जबकि हूती सरदार अब्दुल मलिक अल-हूती ने इस आरोप को खारिज कर दिया. इस टकराव में सऊदी पवित्र स्थलों की सुरक्षा को रेड लाइन बता रहा है, जबकि हूती पक्ष कह रहा है कि उसके निशाने सिर्फ सैन्य ठिकाने और तेल ढांचा हैं.
पाकिस्तान ने कहा है कि मक्का पर हमला होता है तो उसकी रक्षा के लिए किसी समझौते की जरूरत नहीं है. मुसलमान उसकी रक्षा के लिए पहले से ही प्रतिबद्ध है. इससे पहले पाकिस्तान ने कहा था कि मक्का पैक्ट पुरानी लड़ाइयों पर लागू नहीं होगा.
सऊदी अरब के साथ डिफेंस पैक्ट के बाद तुर्की के हूतियों से सीधे टकराने का खतरा बढ़ सकता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसा हुआ तो लाल सागर और बाब-अल-मंदेब के रास्ते तुर्की की सप्लाई लाइन प्रभावित हो सकती है, खासकर सोमालिया में उसके सैन्य और आर्थिक हितों पर असर पड़ सकता है.
हूती हमलों के बीच सऊदी अरब मिसाइल इंटरसेप्टर की कमी से जूझ रहा है. संकट की इस घड़ी में सऊदी अरब ने फ्रांस, ब्रिटेन, पाकिस्तान और मिस्र से एयर डिफेंस की मदद मांगी है. दरअसल ईरान के साथ जंग की वजह से अमेरिका भी आपूर्ति संकट में है, ऐसे में सऊदी को अपने क्षेत्रीय और पश्चिमी सहयोगियों से मदद मांगनी पड़ रही है.
आज सबसे पहले आपको बताएंगे कि मुसलमानों का सबसे पवित्र शहर मक्का... आज अलर्ट पर क्यों है? दावों के मुताबिक, 15 सितंबर को हूती लड़ाकों ने मक्का को निशाना बनाकर आत्मघाती ड्रोन से बड़ा हमला करने की कोशिश की। लेकिन सऊदी एयर डिफेंस ने मक्का में दाखिल होने से पहले ही इस ड्रोन को मार गिराया.... लेकिन इस घटना के बाद मक्का शहर में इमरजेंसी अलर्ट जारी करना पड़ा है... लेकिन सवाल ये है कि क्या हूती सच में मक्का पर हमला कर सकता है? या ये सऊदी अरब का कोई नया दांव है? देखें...
सऊदी अरब का दावा है कि मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले हूती ड्रोन को मार गिराया गया. इसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने मक्का और मदीना की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया, लेकिन उन्होंने हूतियों या ईरान का नाम नहीं लिया. इस वीडियो में समझिए मक्का ड्रोन विवाद, सऊदी का दावा, हूतियों का इनकार, पाकिस्तान के बयान पर उठते सवाल और सऊदी अरब में रहने वाले 27 लाख भारतीयों पर इसका क्या असर पड़ सकता है.