यमन के ईरान समर्थित हूती लगातार सऊदी अरब पर हमले कर रहे हैं. इस बीच तुर्किए और पाकिस्तान ने सऊदी अरब को मदद का भरोसा दिया था. वहीं अब ब्रिटेन भी सऊदी अरब की मदद के लिए आगे आया है. ब्रिटेन ने सीमित सैन्य सहायता देने पर सहमति जताई है.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे. इससे पहले उन्होंने बताया कि ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स (RAF) सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों को हवा में ही ईंधन मुहैया कराएगी.
उन्होंने कहा कि ये समझौता फिलहाल कुछ हफ्तों के लिए किया गया है, लेकिन हालात की समीक्षा लगातार जारी रहेगी. ये सहायता अगले कुछ दिनों में शुरू होगी, जिसमें एक RAF वॉयेजर विमान सिर्फ 'रक्षात्मक' मिशनों में लगे सऊदी विमानों में ईंधन भरेगा.
'तेल सप्लाई के ग्लोबल रूट्स को खुला...'
बर्नहैम ने इस कदम को जायज ठहराते हुए कहा, 'मैं ब्रिटेन और पूरे क्षेत्र के हितों की रक्षा के लिए ये कदम उठा रहा हूं. सऊदी अरब लगातार हमलों का सामना कर रहा है और तेल सप्लाई के ग्लोबल रूट्स को खुला रखना हमारी पहली जरूरत है.'
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तुर्किए और पाकिस्तान भी मदद को तैयार
दूसरी ओर, सऊदी अरब ने फ्रांस, ब्रिटेन, पाकिस्तान और मिस्र से एयर डिफेंस हेल्प मांगी है. तुर्किए के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने भी ऐलान किया है कि तुर्किए, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हाल ही में साइन हुए 'मक्का जॉइंट डिफेंस डील' के तहत सऊदी अरब को तकनीकी और सैन्य सहायता देने के लिए पूरी तरह तैयार है.