लंदन के वेस्टमिंस्टर रॉयल पैलेस में आयोजित कार्यक्रम 'भारत की बात सबके साथ' में पीएम मोदी ने कहा कि अब भारत का रुतबा बढ़ रहा है. कार्यक्रम संचालक गीतकार प्रसून जोशी के एक सवाल पर मोदी ने वहां दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों से कहा कि आपको अुनभव होता होगा कि आपके पासपोर्ट की ताकत बढ़ी है या नहीं.
उन्होंने सवालिया सहजे में कहा कि विदेश में लोगों का भारत के लोगों को देखने का नजरिया बदला है या नहीं. हिंदुस्तान तो वही है, आप भी थे, दुनिया भी थी, लेकिन आज जो बदलाव हुआ है वह हिंदुस्तान ने करके दिखाया है. सिर्फ सवा सौ करोड़ का देश या बड़ा बाजार होने की वजह से नहीं, बल्कि अपनी संतुलित नीति के कारण ऐसा किया है. जो सच है, वह डंके की चोट पर बोलना, ढृढता के साथ उस पर चलने की हिम्मत हमने दिखाई है.
मोदी ने कहा कि आजादी के 70 साल तक भारत का पीएम इस्राइल न जाए, कौन सा ऐसा दबाव था? में दम होना चाहिए कि वह हिम्मत के साथ कहे कि मैं इस्राइल भी जाऊंगा और जिस दिन फिलिस्तीन जाना होगा, वहां भी जाऊंगा. मैं सऊदी अरब भी जाऊंगा और उनका सर्वोच्च सम्मान भी लूंगा और देश की ऊर्जा जरूरतों के लिए ईरान भी जाऊंगा.
पीएम ने कहा कि एक समय मेरी आलोचना होती थी कि चाय बेचने वाला देश या विदेश नीति को नहीं समझ पाएगा. आज चार साल बाद कोई यह सवाल नहीं उठा सकता है. उसका कारण मोदी नहीं है. मोदी को सवा सौ करोड़ देशवासियों की ताकत पर भरोसा है, भारत के इतिहास, संस्कृति, जीवन के प्रति श्रद्धा है.'Bharat Ki Baat Sabke Saath' was a lively programme, where we exchanged thoughts on the land we all admire- India, it's vibrancy and it's role in this century. You can watch the complete programme here.
— Narendra Modi (@narendramodi)
उन्होंने कहा कि एक समय था जब मानवीय आधार पर चर्चा होती थी तो पश्चिम के देशों की चर्चा होती थी. जब यमन में 5-6 हजार लोगों को निकाला तो दुनिया के कई देशों ने हमसे प्रार्थना की कि आप अपने नागरिकों को निकालते हैं तो हमारे भी लोगों को निकालिए. हमने दुनिया भर के 2 हजार नागरिकों को निकाला. म्यांमार में रोहिंग्या की समस्या हुई तो हमने स्टीमर में चावल भर के बांग्लादेश भेजा कि रोहिंग्या भूखे न मरें. नेपाल में भूकंप आया तो भारत सबसे पहले वहां राहत सामग्री लेकर पहुंचा. भारत ने दुनिया की सभी ताकतों के साथ बराबरी का व्यवहार किया है. मैंने विदेशी मीडिया से कहा था कि हम न तो किसी से आंख झुकाकर बात करेंगे, न आंख उठाकर बात करेंगे, हम आंख मिलाकर बात करेंगे.
मोदी ने कहा कि आज भारत ग्लोबल वार्मिंग की चिंता के लिए सोलर एनर्जी का प्रोगाम लेकर आया है. के खिलाफ मानवतावादी शक्तियों को एक कर रहा है. जी-20 समिट में ब्लैकमनी पर जानकारी देने के लिए भारत ने अहम कदम उठाए हैं. आज भारत ट्रेंड सेटर बन रहा है.