सऊदी अरब पर हूती हमलों के बीच पाकिस्तान में इसे लेकर आवाजें तेज होने लगी हैं. पाकिस्तान के सीनेटर अब्दुल करीम ने सऊदी अरब और मक्का-मदीना के पवित्र स्थलों की रक्षा के लिए पाकिस्तान सरकार से सेना भेजने की मांग की है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार सऊदी अरब की रक्षा के लिए अपनी सेना नहीं भेजती है तो अहले-हदीस के 1 लाख युवाओं को वहां भेजने की इजाजत दी जाए.
एक सभा को संबोधित करते हुए सीनेटर अब्दुल करीम ने कहा कि सऊदी अरब ऐसा देश है जहां कुरान और सुन्नत को लागू किया जाता है और तौहीद को कायम रखा जाता है. उन्होंने कहा कि सऊदी अरब को लगातार हमलों का सामना करना पड़ रहा है.
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'सऊदी की रक्षा के लिए सेना भेजे पाकिस्तान'
सीनेटर ने पाकिस्तान सरकार से खुलकर सऊदी अरब की रक्षा में भूमिका निभाने की मांग की. उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी सेना सऊदी अरब की रक्षा के लिए भेजनी चाहिए और इस मामले में पाकिस्तान को अपनी पूरी भूमिका निभानी चाहिए.
उन्होंने हरम शरीफ की रक्षा के लिए लोगों की तैयारी का जिक्र करते हुए कहा कि सभी लोग मक्का और मदीना की रक्षा के लिए तैयार हैं. इस दौरान उन्होंने हूती हमलों और सऊदी अरब के खिलाफ कथित ईरानी एजेंटों की कार्रवाई का भी जिक्र किया.
इसके बाद सीनेटर ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान की सरकार सेना भेजने में नाकाम रहती है तो अहले-हदीस को इजाजत दी जानी चाहिए. उनके मुताबिक, 1 लाख युवा ऐसे हैं जो मक्का और मदीना से प्यार करते हैं और वहां जाने के लिए तैयार हैं.
सऊदी पर हूतियों के हमले तेज
यह बयान ऐसे समय आया है जब यमन के ईरान समर्थित हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ अपने हमले तेज कर दिए हैं. 13 सितंबर को हूतियों ने दक्षिणी शरूराह इलाके में एक सऊदी सैन्य ठिकाने पर बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों से हमला करने का दावा किया. हूतियों के मुताबिक, हमले में एक कमांड सेंटर और हथियारों का गोदाम तबाह हुआ.
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दक्षिणी शहर जजान में भी हूती हमलों से एक मस्जिद और कई घरों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है. इसमें कम से कम दो नागरिक घायल हुए. इससे पहले दक्षिणी सऊदी शहरों में हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों में 73 नागरिकों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी.
तेल पाइपलाइन पर भी असर
हूतियों के ड्रोन हमलों के बाद सऊदी की एक अहम ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन के बंद होने की बात भी सामने आई है. एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि अगर पाइपलाइन को जल्द पूरी तरह या आंशिक रूप से चालू नहीं किया गया तो रेड सी पोर्ट पर सऊदी का निर्यात योग्य कच्चा तेल पांच से सात दिनों में खत्म हो सकता है. ऐसे में सऊदी पर हूती हमलों के बीच पाकिस्तान के सीनेटर का यह बयान क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच काफी अहम माना जा रहा है.