पाकिस्तान सेना के एक सीनियर जनरल ने कहा है कि उनका मुल्क सऊदी अरब की रक्षा के लिए "किसी भी हद तक" जाएगा. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि खाड़ी देश की सुरक्षा के लिए इस्लामाबाद की प्रतिबद्धता "बिना किसी शर्त के" है. पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने गुरुवार को 'अरब न्यूज़' को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "पाकिस्तान कूटनीतिक और प्रत्यक्ष दोनों तरह से सऊदी अरब के साथ पूरी तरह खड़ा है. और मैं यहां 'फिजिकल' शब्द पर जोर देना चाहूंगा."
शरीफ ने कहा, "हम किसी भी हद तक जाएंगे... उतनी हद तक, जितना हमारे सऊदी भाई कहेंगे और जिसकी ज़रूरत होगी."
उनके ये बयान सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते तनाव के बीच आए हैं. हूती विद्रोहियों ने हाल के दिनों में सऊदी क्षेत्र पर हमले किए हैं और लाल सागर में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर नियंत्रण कर लिया है.
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने पिछले महीने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इसके तहत तीनों देशों में से किसी एक पर भी सशस्त्र हमला होने पर उसे सभी पर हमला माना जाएगा.
चौधरी ने कहा, "सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए हमारी प्रतिबद्धता बिना किसी शर्त के है." उन्होंने इसका श्रेय दोनों देशों के लोगों और नेतृत्व के बीच "गहरे, ऐतिहासिक और अटूट बंधन" को दिया.
पाकिस्तानी जनरल की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आईं जब यह सवाल उठ रहा था कि क्या पाकिस्तान मक्का समझौते के तहत हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब की मदद करेगा.
सेना के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान न केवल प्रतिबद्ध है, बल्कि "हम इस्लाम के सबसे पवित्र शहरों मक्का और मदीना और सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए पहले से ही वहां मौजूद हैं."
चौधरी की ये टिप्पणियां सऊदी अधिकारियों के उस दावे के बाद आईं, जिसमें कहा गया था कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने मक्का शहर के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया.
सऊदी अधिकारियों के अनुसार ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही नष्ट कर दिया गया. हालांकि हूती विद्रोहियों ने मक्का या किसी भी इस्लामी पवित्र स्थल को निशाना बनाने से इनकार किया.
इस हफ़्ते की शुरुआत में पाकिस्तान सेना ने मक्का समझौते को "रक्षात्मक" और "सामूहिक प्रतिरोध" के उद्देश्य से किया गया समझौता बताया था और कहा था कि इसके "कोई क्षेत्रीय इरादे नहीं" हैं.
इसके अलावा जब सऊदी अरब की ओर से पाकिस्तान को मक्का पैक्ट एक्टिवेट करने को कहा था तो पाकिस्तान ने कहा था कि ये समझौता पुरानी लड़ाइयों में लागू नहीं होता है.
बुधवार को पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हुई फोन कॉल के बारे में पूछे जाने पर चौधरी ने अरब न्यूज़ को बताया कि देश का राजनीतिक-सैन्य नेतृत्व सऊदी नेतृत्व के लगातार संपर्क में है.
उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद इस बड़े संकट का "बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण समाधान" खोजने के लिए क्षेत्रीय सरकारों से भी सलाह-मशविरा कर रहा है.