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भारतीय सेना की English पर PAK अफसर को आपत्ति, पाकिस्तानियों ने ही कर दिया ट्रोल

भारतीय सेना की अंग्रेजी प्रेस ब्रीफिंग पर सवाल उठाने के बाद पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी सोशल मीडिया पर घिर गए. पाकिस्तान के पूर्व सैन्य अधिकारी आदिल फारूक राजा समेत कई यूजर्स ने कहा कि पाकिस्तान सेना के भीतर भी अंग्रेजी का इस्तेमाल होता है. इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया.

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पाकिस्तान के आईएसपीआर के महानिदेशक अहमद शरीफ चौधरी ने आश्चर्य व्यक्त किया कि भारतीय सेना के अधिकारी अंग्रेजी में क्यों बोलते हैं. (Image: YouTube)
पाकिस्तान के आईएसपीआर के महानिदेशक अहमद शरीफ चौधरी ने आश्चर्य व्यक्त किया कि भारतीय सेना के अधिकारी अंग्रेजी में क्यों बोलते हैं. (Image: YouTube)

जब अपने घर शीशे के हों, तो दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकना चाहिए. पाकिस्तान के साथ आजकल यही हो रहा है. दरअसल, पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता (DG ISPR) लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने एक ऐसी बात कह दी, जिसके बाद भारत तो छोड़िए, खुद उनके अपने देश के लोगों ने ही उन्हें सोशल मीडिया पर कायदे से लपेट लिया. मामला जुड़ा है भाषा से, और वो भी तब, जब बात भारतीय सेना के पराक्रम की हो रही थी.

हुआ ये कि 'ऑपरेशन सिंदूर' को एक साल पूरा होने के मौके पर भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के बड़े अफसरों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें उन्होंने बताया कि कैसे एक साल पहले पहलगाम हमले का भारत ने करारा जवाब दिया था. अब इस पर पाकिस्तान के जनरल अहमद शरीफ चौधरी को मिर्ची लग गई. उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत से ये पूछ लिया कि, 'आपके अफसर अंग्रेजी में क्यों बात कर रहे थे? क्या पूरी दुनिया को अपनी कहानी सुनाना चाहते थे?' जनरल शायद ये भूल गए कि भारत इतना बड़ा देश है कि यहां हर राज्य की अपनी भाषा है, और अंग्रेजी यहां सबको जोड़ने का काम करती है.

अपनों ने ही दिखाया आईना

जनरल चौधरी का ये सवाल सोशल मीडिया पर जैसे ही आया, पाकिस्तान के ही लोग उन पर टूट पड़े. सबसे करारा जवाब दिया पाकिस्तान के ही पूर्व सैन्य अधिकारी मेजर आदिल राजा ने. उन्होंने साफ-साफ कह दिया कि जनरल, आप किसे बेवकूफ बना रहे हैं? आपकी अपनी पाकिस्तानी सेना में ऊपर से नीचे तक सारे ऑर्डर अंग्रेजी में ही दिए जाते हैं. उन्होंने पोल खोलते हुए कहा कि पाकिस्तानी अफसर उर्दू का इस्तेमाल सिर्फ अपनी जनता को बहकाने के लिए करते हैं, जबकि असली काम तो वहां भी 'English' में ही होता है.

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बात यहीं खत्म नहीं हुई. सोशल मीडिया पर पाकिस्तानियों ने जनरल की खूब क्लास लगाई. किसी ने उन्हें झूठ की फैक्ट्री कहा तो किसी ने उनकी फोटो के साथ मजेदार मीम्स बना दिए. लोगों का गुस्सा इस बात पर था कि जनरल चौधरी भाषा पर तो बहस कर रहे हैं, लेकिन ये क्यों नहीं बता रहे कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस का क्या हाल किया था? अपनी हार छुपाने के लिए भाषा का सहारा लेना पाकिस्तानियों को ही रास नहीं आया.

अब हालत ये है कि पाकिस्तानी जनता खुद अपने जनरल से पूछ रही है कि आप हमें अनपढ़ समझते हैं क्या? एक यूजर ने तो यहां तक लिख दिया कि 'इन्हें लगता है कि हम डफर हैं और इनकी हर बात मान लेंगे.' भारतीय सेना ने जो प्रहार किया था, उसका दर्द पाकिस्तान आज भी महसूस कर रहा है. अब चाहे वो अंग्रेजी में बोला जाए या किसी और भाषा में, सच तो ये है कि चोट बहुत गहरी लगी थी. जनरल चौधरी के पास अब बस बातों के बताशे बनाने के अलावा कुछ बचा नहीं है, क्योंकि उनकी पोल तो उनके अपने ही देश वालों ने खोल दी है.
 

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