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नेपाल में कुदरत का कहर! 1,377 की मौत, 5,130 लोग अब भी लापता

नेपाल की तबाही का दर्द अब भी कम नहीं हुआ है. फ्लैश फ्लड के बाद मलबे और तबाही के बीच शव मिलने का सिलसिला जारी है. मौतों का आंकड़ा 1,377 पहुंच गया है, जबकि 5 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं. हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, लेकिन कई परिवार अभी भी अपनों की तलाश में हैं.

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नेपाल में 26 अगस्त की फ्लैश फ्लड के बाद तबाही का मंजर अब भी जारी है(Photo-File)
नेपाल में 26 अगस्त की फ्लैश फ्लड के बाद तबाही का मंजर अब भी जारी है(Photo-File)

नेपाल में 26 अगस्त को आई भयानक फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी. अब इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,377 हो गई है. प्रभावित जिलों में लगातार शव बरामद किए जा रहे हैं. वहीं 5,130 लोगों के अब भी लापता होने की जानकारी सामने आई है.

सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम लगातार तलाशी और बचाव अभियान चला रही है. नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के मुताबिक, अब तक बाढ़ प्रभावित इलाकों से 13,656 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है.

चितवन में सबसे ज्यादा शव मिले

बाढ़ की सबसे ज्यादा मार झेलने वाले जिलों में चितवन भी शामिल है. यहां अब तक 364 शव बरामद किए गए हैं. नवलपरासी ईस्ट में 228 और नवलपरासी वेस्ट में 222 लोगों के शव मिले हैं.

नुवाकोट में 198, रसुवा में 178, गोरखा में 77, धादिंग में 70 और तनहूं में 38 शव बरामद किए गए हैं. इसके अलावा काठमांडू में इलाज के दौरान दो बाढ़ पीड़ितों की मौत हुई है.

मलबे में अब भी अपनों की तलाश

हजारों लोगों के लापता होने के कारण सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान लगातार जारी है. प्रभावित इलाकों में मलबे और नदी के आसपास लोगों की तलाश की जा रही है. राहत और बचाव टीमों के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब भी लापता लोगों तक पहुंचना है.

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भोटेकोशी नदी बनी तबाही की वजह

यह आपदा नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को हुए बर्फ और चट्टानों के बड़े हिमस्खलन के बाद आई फ्लैश फ्लड से शुरू हुई. हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ का पानी बढ़ा और वह नीचे की ओर तबाही मचाता चला गया.

यह भी पढ़ें: 500 छात्र लापता, 31 टीचरों का नहीं मिल रहा सुराग... नेपाल बाढ़ के बाद स्कूलों में पसरा सन्नाटा

तेज बहाव में घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए. कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी क्षतिग्रस्त हुए.उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बे और गांव इस आपदा की चपेट में आए.

चीन की तरफ भी भारी नुकसान

इस आपदा का असर नेपाल तक ही सीमित नहीं रहा.चीन की तरफ भी कम से कम 43 लोगों की मौत हुई है. वहीं तिब्बत में 500 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए गए हैं.

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