scorecardresearch
 

पाकिस्तान के मंत्री से लेकर संतरी तक सबकी निकली हेकड़ी, सिंधु के पानी के लिए तरस रहा

सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान की बेचैनी अब खुलकर सामने आने लगी है. भारत की तरफ से संधि को स्थगित किए जाने के बाद पाकिस्तान लगातार दुनिया से गुहार लगा रहा है. अब इस्लामाबाद में इस मामले पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें पाकिस्तानी मंत्रियों और सांसदों ने भारत को धमकी देने की कोशिश की.

Advertisement
X
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार (बाएं) PPP चीफ बिलावल भुट्टो जरदारी (दाएं)  (Image: Youtube Screengrab)
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार (बाएं) PPP चीफ बिलावल भुट्टो जरदारी (दाएं) (Image: Youtube Screengrab)

सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान के भीतर तनाव अब हर मंच पर साफ दिखाई देने लगा है. भारत की तरफ से पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित किए जाने के फैसले ने पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. अब हालात ऐसे हैं कि पाकिस्तान के मंत्री से लेकर सांसद तक लगातार दुनिया से अपील कर रहे हैं कि इस संधि को बचाया जाए.

इसी कड़ी में पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में सिंधु जल संधि पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया. इस सम्मेलन में पाकिस्तान के कई मंत्री, सांसद और अंतरराष्ट्रीय कानून और जल विशेषज्ञ शामिल हुए. सम्मेलन का मकसद भारत के फैसले के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाना था.

यह भी पढ़ें: अफगानिस्तान ने पाकिस्तान में की एयरस्ट्राइक, ISIS के ठिकानों पर बरसाए ड्रोन

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि सिंधु जल संधि सिर्फ पानी बांटने का समझौता नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया में शांति, स्थिरता और सहयोग की मजबूत नींव है. उन्होंने धमकी दी कि साझा जल संसाधनों को कभी हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए. डार ने कहा, "अगर पाकिस्तान के अधिकारों से समझौता किया गया तो इसका असर पूरे क्षेत्र की शांति और करीब दो अरब लोगों के हितों पर पड़ेगा."

Advertisement

बिलावल भुट्टो ने समझौते पर क्या कहा?

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा, "सिंधु जल संधि पाकिस्तान पर किसी का एहसान नहीं थी, बल्कि यह दोनों देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय समझौता है. इस संधि का सम्मान किया जाना चाहिए."

सम्मेलन में पाकिस्तान के सीनेटर मुसद्दिक मलिक ने भी भारत के फैसले पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अगर कोई ताकतवर देश एकतरफा किसी अंतरराष्ट्रीय संधि को निलंबित कर सकता है, तो फिर दुनिया की किसी भी संधि की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो जाएंगे. उनके मुताबिक, सिंधु जल संधि दुनिया के सबसे मजबूत अंतरराष्ट्रीय समझौतों में से एक है.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने लिया था एक्शन

अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला लिया था. भारत ने साफ कहा था कि "खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते." इसके साथ ही भारत ने पश्चिमी नदियों पर जलविद्युत और जल प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं की रफ्तार भी तेज कर दी.

यह भी पढ़ें: पाकिस्तान में बड़ा हादसा: लाहौर में ट्यूशन सेंटर की छत गिरी, 14 बच्चों की मौत, 20 घायल

सिंधु के का पानी पाकिस्तान की खेती, पेयजल और बिजली उत्पादन के लिए बेहद अहम है. संधि स्थगित होने के बाद पाकिस्तान को न सिर्फ पानी के प्रवाह को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि उसे भारत से मिलने वाली हाइड्रोलॉजिकल जानकारी भी नहीं मिल रही है. यही वजह है कि अब पाकिस्तान लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाकर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि भारत का रुख साफ है कि सीमा पार आतंकवाद बंद होने तक सिंधु जल संधि पर पहले जैसी स्थिति बहाल नहीं होगी.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement