अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है. एक महीने की शांति के बाद फिर से एक बार जंग धधक उठी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि होर्मुज पर अब अमेरिका का लगभग पूरा नियंत्रण है और ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बिखर रही है. यह बयान अमेरिका के ताजा हवाई हमलों के कुछ घंटों बाद आया, जब दोनों देशों के बीच हमलों का सिलसिला और तेज हो गया. ट्रंप ने साफ किया कि वे ईरान को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं.
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखे पोस्ट में एबीसी न्यूज़ की उस रिपोर्ट को गलत बताया जिसमें कहा गया था कि वे ईरान को बातचीत के लिए मजबूर कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें फर्क नहीं पड़ता कि ईरान समझौते पर दस्तखत करे या नहीं, क्योंकि यह उनके लिए वैसे भी बेकार होगा.
मौजूदा हालात उन्हें बेहतर लगते हैं, जिसमें होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण है और ईरान की अर्थव्यवस्था चरमरा रही है, और यह तय नतीजे की तरफ ही बढ़ रहा है. साथ ही उन्होंने ईरानी जनता से अपनी सरकार के खिलाफ खड़े होने की अपील की.
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फरवरी में शुरू हुए टकराव के बाद से ट्रंप कई बार होर्मुज पर कब्जे का दावा कर चुके हैं, पर ईरान हर बार इसे खारिज करता है. मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर भारी हमले किए, जवाब में ईरान ने जॉर्डन, बहरीन और इराक स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया. इससे पहले सप्ताहांत में जुलाई बाद पहली गोलीबारी हुई, और सोमवार को होर्मुज से निकल रहे दो तेल टैंकरों पर हमला हुआ. इसके बाद तेल की कीमत चार डॉलर प्रति बैरल बढ़कर पांच हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई.
होर्मुज दुनिया का बेहद जरूरी एनर्जी का रास्ता है, जिसे ईरान ने जहाजों के लिए बंद कर रखा है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने कहा कि हमलों से जलमार्ग पर उसकी पकड़ और मजबूत होगी.
ईरान ने चेतावनी दी कि तेल निर्यात रोका गया तो किसी और देश को भी ऐसा करने नहीं दिया जाएगा. ट्रंप ने नए युद्धविराम की संभावना खारिज करते हुए कहा कि ईरान से समझौता अब बेकार होगा, क्योंकि उसे पहले ही कई मौके मिल चुके हैं. यह टकराव महीनों की तनातनी के बाद हुआ है, जिसमें जून का समझौता जल्द टूट गया और होर्मुज पर नियंत्रण उसकी सबसे बड़ी वजह रहा.