चीन के शिजांग में भूस्खलन से प्रभावित ग्यिरोंग पोर्ट पर तबाही के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 541 लोग अभी भी लापता हैं. लापता लोगों की तलाश के लिए जलमग्न हो चुके इलाकों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. राहत और बचाव टीमों ने कई दौर की तलाशी पूरी कर ली है.
इस दौरान करीब 15.9 लाख मीटर वर्ग क्षेत्र को खंगाला जा चुका है. टीमें अब पूरे इलाके में व्यवस्थित तरीके से तलाशी अभियान चला रही है. मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी है. बाढ़ के पानी में शहर समा गया है. ऐसे में शहर के हर क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.
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कोर इलाके में बिजली बहाल
भूस्खलन से ग्यिरोंग पोर्ट पर खासा असर पड़ा है. फिलहाल इस इलाके में बिजली की आपूर्ति बहाल कर ही गई है. बिजली बहाल होने से इस इलाके में राहत और बचाव से जुड़े कामों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.
अधिकारियों और राहत टीमों की ओर से पूरे इलाके में लगातार तलाशी की जा रही है. कई चरणों में हो रही इस तलाशी में अब तक करीब 15.9 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र को कवर किया जा चुका है.
काठमांडू पहुंची राहत सामग्री और DNA विशेषज्ञों की टीम
चीन की तरफ से राहत अभियान को आगे बढ़ाने के लिए एक और खेप नेपाल भेजी गई है. गुरुवार को चीनी राहत सामग्री और DNA विशेषज्ञों का एक नया दल हवाई रास्ते से काठमांडू पहुंचा. यह मदद चीन की ओर से भूस्खलन के बाद चलाए जा रहे राहत प्रयासों का हिस्सा है.
चीन का काठमांडू में DNA विशेषज्ञों का भेजना इस अभियान की एक अहम कड़ी माना जा रहा है. इससे लोगों को DNA मिलान के जरिए बाढ़ में लापता लोगों की पहचान की जाएगी.