तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने अपने संसदीय क्षेत्र अमतला में पार्टी कार्यालय को ढहाए जाने पर कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार पुलिस ने बीजेपी के गुंडों के साथ मिलकर कार्यालय से लैपटॉप, प्रिंटर, दस्तावेज और फर्नीचर चुराए हैं. वहीं, बंगाल पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ अभिषेक बनर्जी की कंपनी 'लीप्स एंड बाउंड्स' ने तुरंत सुनवाई के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और आज ही सुनवाई की मांग की गई है. जस्टिस राजा बसु चौधरी की बेंच के सामने दोपहर को सुनवाई कर सकती है.
अभिषेक बनर्जी ने बंगाल पुलिस के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि राज्य में पूरी तरह से अराजकता का माहौल देखने को मिल रहा है. देश की शीर्ष अदालतों द्वारा बुलडोजर कार्रवाई को असंवैधानिक ठहराए जाने के बावजूद इस घटना को अंजाम दिया गया. उन्होंने कहा कि कानून की रक्षा करने वाले लोग ही अब खुलेआम कानून तोड़ने वाले बन गए हैं.
अभिषेक ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए एक्स पर लिखा, 'बंगाल में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के बुलडोजर से तोड़फोड़ को असंवैधानिक बताने वाले फैसलों के बावजूद, कल अमतला में मेरे लोकसभा क्षेत्र के ऑफिस को तोड़ दिया गया.'
TMC नेता ने पुलिस कार्रवाई के दौरान का वीडियो एक्स पर साझा कर दावा किया कि वीडियो में बंगाल पुलिस को बीजेपी के गुंड़ों के साथ मिलकर लैपटॉप, प्रिंटर, कागजात, टेबल, कुर्सी और दूसरे फर्नीचर से भरे बक्से ले जाते हुए देखा जा सकता है. हालांकि, आजतक इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता.
उन्होंने ये भी कहा कि ये सिर्फ तोड़फोड़ नहीं थी- ये वर्दी में चोरी थी, जिसे कानून के शासन की पूरी तरह अनदेखी करके और हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बावजूद अंजाम दिया गया.
टीएमसी सांसद ने कहा कि जिन लोगों का काम कानून बनाए रखना है, वो ही कानून तोड़ने वाले बन गए हैं. पश्चिम बंगाल पुलिस पर शर्म आती है!
गौरतलब है कि कल ही कलकत्ता हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस तापोब्रत चक्रवर्ती को एक पत्र लिखा गया था. ये कदम विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद अमतला पार्टी दफ़्तर पर हुए हमले के बाद उठाया गया था. तृणमूल कांग्रेस पहले भी हाईकोर्ट गई थी, क्योंकि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी. हालांकि, वह मामला जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की बेंच के सामने लिस्ट किया गया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. कल बुलडोजर से दफ़्तर गिराए जाने के बाद, 'लीप्स एंड बाउंड्स' ने अब फिर से तुरंत हाईकोर्ट का रुख किया है.