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नेतन्याहू पर चढ़ा FIFA फीवर, इस देश के लिए मांगी जीत की दुआ

FIFA वर्ल्ड कप फाइनल से पहले इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई के लिए खास संदेश भेजा और टीम अर्जेंटीना को अपनी शुभकामनाएं दीं. मोसाद कमेंट्री ने उनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है.

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बेंजामिन नेतन्याहू पहले से ही अर्जेंटिना के समर्थक रहे हैं. (Photo- Screengrab)
बेंजामिन नेतन्याहू पहले से ही अर्जेंटिना के समर्थक रहे हैं. (Photo- Screengrab)

जंग के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला. जहां एक तरफ पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है, वहीं दूसरी ओर नेतन्याहू पर FIFA वर्ल्ड कप फाइनल का फीवर चढ़ा नजर आया. उन्होंने खुलकर अर्जेंटीना का समर्थन किया और राष्ट्रपति जेवियर मिलेई के लिए खास संदेश भी भेजा.

इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, नेतन्याहू ने इजरायल में अर्जेंटीना के राजदूत से मुलाकात की और उनसे राष्ट्रपति जेवियर मिलेई तक अपना निजी संदेश पहुंचाने को कहा. उन्होंने कहा, "जेवियर, आप सच्चे दोस्त हैं. हम आपके साथ हैं और कल अर्जेंटीना का समर्थन करेंगे. शुभकामनाएं."

नेतन्याहू ने भले ही फाइनल में अर्जेंटीना के प्रतिद्वंद्वी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके संदेश से साफ हो गया कि वर्ल्ड कप फाइनल में उनकी पसंद अर्जेंटीना है.

राष्ट्रपति जेवियर मिलेई इजरायल के बड़े समर्थक

अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई को लैटिन अमेरिका में इजरायल का सबसे मजबूत सहयोगी माना जाता है. सत्ता में आने के बाद से उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इजरायल का खुलकर समर्थन किया है और दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती दी है.

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नेतन्याहू और मिलेई की कई बार मुलाकात हो चुकी है. दोनों नेता एक-दूसरे की सार्वजनिक रूप से तारीफ भी करते रहे हैं. नेतन्याहू पहले भी मिलेई को इजरायल का करीबी मित्र बता चुके हैं, जबकि मिलेई ने भी इजरायल के साथ रणनीतिक और कूटनीतिक रिश्ते मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है.

FIFA के फाइनल से पहले नेतन्याहू का संदेश

प्रधानमंत्री कार्यालय ने फाइनल से ठीक पहले यह संदेश जारी किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा होने लगी. इजरायल और अर्जेंटीना के समर्थकों ने नेतन्याहू के इस संदेश का स्वागत किया.

विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ फुटबॉल का समर्थन नहीं, बल्कि दोनों देशों के मजबूत होते राजनीतिक और कूटनीतिक रिश्तों का भी प्रतीक है. ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया जंग की आग में झुलस रहा है, नेतन्याहू का यह संदेश बताता है कि खेल कूटनीति भी देशों के रिश्तों को मजबूत करने का एक अहम माध्यम बन सकती है.

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