पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने मदरसों को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मदरसे में सब कुछ संदेह के घेरे में है.दिलीप घोष ने कहा कि बंगाल में हुए हर आतंकी हमले में किसी न किसी मदरसा शिक्षक की संलिप्तता सामने आई है.
उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश से आने वाले आतंकवादी मदरसों में शरण लिया करते थे.उन्होंने कहा कि कई नेताओं ने इस मुद्दे पर चिंता जताई है, लेकिन किसी ने इसे हल नहीं किया. दिलीप घोष ने कहा, 'हम इसे हल करेंगे.' पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्यभर में किए गए सर्वे के बाद 252 गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को बंद करने का आदेश जारी किया गया है और करीब 100 अन्य मदरसों को कारण बताओ नोटिस भेजा है. अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे में पाया गया कि कई संस्थानों के पास जरूरी मंजूरी नहीं थी और वहां बुनियादी ढांचे की भी कमी थी.
अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के मंत्री क्षुदीराम टुडू ने कहा कि जिन मदरसों के पास जरूरी मंजूरी है, वे काम करते रहेंगे. विभाग की ओर से जून की शुरुआत से पश्चिम बंगाल के सभी जिलों में जमीनी स्तर पर सर्वे किया गया. इसका उद्देश्य सरकारी और निजी मदरसों के बुनियादी ढांचे, मंजूरी की स्थिति और प्रबंधन व्यवस्था का आकलन करना था.
100 मदरसों को कारण बताओ नोटिस
अधिकारियों ने बताया कि करीब 100 मदरसों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. उनके जवाबों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. टुडू ने कहा कि यह प्रक्रिया मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निर्देश के बाद शुरू की गई थी. इसका उद्देश्य अलग-अलग जिलों में अधिकृत और अनधिकृत मदरसों की संख्या का पता लगाना था. मंत्री ने कहा कि 252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया गया है, जबकि 100 अन्य को जरूरी मंजूरी और बुनियादी ढांचा नहीं होने के कारण कारण बताओ नोटिस भेजा गया है.
दिलीप घोष का बयान
राज्य के पंचायती राज मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि मदरसों को लेकर कई विवाद सामने आए हैं. उन्होंने दावा किया कि कई मामलों में चरमपंथी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किए गए लोग कुछ ऐसे संस्थानों में शिक्षक के तौर पर काम करते पाए गए.
उन्होंने कहा, 'मदरसों के खिलाफ शिकायतें बार-बार मिलती रही हैं. ऐसे मामले सामने आए हैं, जब लोग मदरसों से देश विरोधी गतिविधियां चला रहे थे.' उन्होंने कहा कि कानून और सरकारी अनुमति के अनुसार चलने वाले मदरसे काम करते रहेंगे. लेकिन सरकार मदरसों को बिना रोक-टोक खोले जाने और परेशानी पैदा करने की अनुमति नहीं देगी. विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने कहा कि सभी मदरसों को एक ही नजर से नहीं देखा जाना चाहिए.