दिलीप घोष (Dilip Ghosh) भारतीय राजनीति में एक जाने-माने नेता हैं. 9 मई 2026 को शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, इस तरह वो राज्य के बीजेपी के पहले सीएम बने. दिलिप घोष शुभेंदु अधिकारी सरकार के कैबिनेट में मंत्री बने. 2026 विधानसभा चुनाव में खड़गपुर सदर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार दिलीप घोष चुनावी मैदान में थे. उन्होंने टीएमसी के प्रदीप सरकार के खिलाफ 30 हजार से ज्दाया वोटों से जीत दर्ज की.
उन्होंने पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद के रूप में जनता का प्रतिनिधित्व किया है. इसके अलावा, वे साल 2021 से 2023 तक भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं. वे पश्चिम बंगाल भाजपा के 9वें अध्यक्ष के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं.
दिलीप घोष का जन्म 1 अगस्त 1964 को पश्चिम मेदिनीपुर जिले के गोपिबल्लवपुर के पास कुलियाना गांव में हुआ. उनके पिता का नाम भोलानाथ घोष और माता का नाम पुष्पलता घोष है. वे अपने माता-पिता के चार बेटों में दूसरे नंबर पर हैं. साधारण परिवार से आने वाले दिलीप घोष ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद झारग्राम के एक पॉलिटेक्निक कॉलेज से इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया.
वे जंगलमहल क्षेत्र के एक आर्थिक रूप से पिछड़े इलाके से आते हैं और बंगाली सदगोप समुदाय से संबंध रखते हैं. 18 अप्रैल 2025 को उन्होंने रिंकू मजूमदार से शादी की. यह शादी एक छोटे और निजी समारोह में हुई.
पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार ने अवैध निर्माणों और अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर अभियान तेज कर दिया है.
पेट्रोल और डीजल के दामों में पिछले चार दिनों में दूसरी बार बढ़ोतरी हुई है. विपक्षी दलों कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ी आलोचना की है और महंगाई को लेकर सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. दूसरी ओर, बीजेपी नेताओं ने वैश्विक तेल संकट और आर्थिक दबाव को कीमतों में बढ़ोतरी का कारण बताया है.
पश्चिम बंगाल में सरकार ने अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर अभियान तेज कर दिया है. शनिवार को ही हावड़ा स्टेशन के बाहर अवैध दुकानों को हटाया गया. अब मंत्री दिलीप घोष ने भी साफ कहा है कि राज्य में किसी भी अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पूरे देश में बुलडोजर चलेगा.
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नई कैबिनेट में विभागों का बंटवारा कर दिया है. गृह, वित्त और कार्मिक जैसे अहम मंत्रालय उन्होंने अपने पास रखे हैं. दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल और निशीथ प्रमाणिक समेत कई नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां मिली हैं. नई सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में आयुष्मान भारत और उज्ज्वला जैसी कई केंद्रीय योजनाओं को लागू करने का फैसला भी लिया है.
पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने के बाद मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि वो बंगाल से डर को खत्म करेंगे. उन्होंने टीएमसी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो लोगों पर अत्याचार करते थे और अब जनता जय श्री राम के नारे लगा कर इसका विरोध कर रही है. घोष ने कहा कि बंगाल को 50 साल से पीछे हटने से पटरी पर लाना होगा और लोगों में आत्मविश्वास जगाना होगा.
शुभेंदु अधिकारी के साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निशीथ प्रामाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू ने मंत्री पद की शपथ ली. बीजेपी ने शुभेंदु टीम के जरिए 'सोशल इंजीनियरिंग' और 'क्षेत्रीय संतुलन' का एक बेहतरीन संतुलन बनाने की कोशिश की है.
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद आज शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत NDA के कई बड़े नेता मौजूद रहे. नई सरकार में दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल समेत चार नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली. देखें बुलेटिन.
पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने शानदार जीत हासिल की है और शनिवार को भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया. शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जबकि दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू ने भी मंत्री पद की शपथ ली.
पश्चिम बंगाल के सियासी इतिहास में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने जा रही है. ऐसे में मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री तक के चयन में बीजेपी बहुत फूंक-फूंककर कदम बढ़ा रही है. हालांकि, बीजेपी कैबिनेट के जरिए एक ऐसा रोडमैप खींचना चाहती है ताकि गुजरात की तरह सियासी जड़े बंगाल में भी जमाकर रख सके.
पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने ममता बनर्जी को 15 साल के बाद सत्ता से बाहर कर दिया है. अब सबके मन में सवाल है कि बीजेपी बंगाल में मुख्यमंत्री किसे बनाएगी? सीएम की रेस में शुभेंदु अधिकारी से लेकर दिलीप घोष तक के नाम हैं, लेकिन देखना है कि अमित शाह की क्राइटेरिया में कौन फिट बैठता है?
पश्चिम बंगाल में BJP की जीत के बाद मुख्यमंत्री चेहरे पर चर्चा तेज है. शुभेंदु अधिकारी, समिक भट्टाचार्य और दिलीप घोष समेत कई नाम रेस में हैं. जानिए अमित शाह की कसौटी पर कौन सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है.
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट के बीच कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कल शाम कोलकाता पहुंचेंगे.
पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव आयोग ने नई विधानसभा के गठन के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. ये अधिसूचना राज्यपाल को भेज दी गई है जो राज्य में नई सरकार के शपथ ग्रहण और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अगला चरण शुरू करेंगे.
बीजेपी नेता दिलीप घोष ने आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत में सीएम ममता बनर्जी द्वारा उनके हार न स्वीकार करने पर और इस्तीफा देने से मना करने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ममता बनर्जी का कैरेक्टर ऐसा है कि न देश के संसद को मानती है, न सुप्रीम कोर्ट और नहीं संविधान को. आगे उन्होनें कहा कि वो कोई बात लेकर अड़ जाती है फिर 3-4 दिन बाद लाइन पर आ जाती है.
पश्चिम चुनाव में खड़गपुर से जीत हासिल करने वाले बीजेपी के दिग्गज नेता दिलीप घोष ने भी बंगाल के लोगों का आभार जताया. अपने चुनाव क्षेत्र में वो जेसीबी पर सवार होकर तिरंगा लहराते अपने समर्थकों का अभिवादन करते नजर आए. देखें वीडियो.
पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल की है. पार्टी ने मुख्यमंत्री पद के लिए कोई चेहरा नहीं उतारा था और पीएम मोदी के नाम पर वोट हासिल किए. अब राज्य की मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सस्पेंस बना हुआ है.
West Bengal Election Results 2026: पश्चिम बंगाल के रुझानों में बीजेपी बहुमत का आकड़ा पार कर चुकी है और जबरदस्त तरीके से जीत की ओर आगे बढ़ रही है. BJP नेता दिलीप घोष ने रुजानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोग परिवर्तन और मुक्ति चाहते है. साथ ही दिलीप घोष ने भवानीपुर में भी जीत का दावा किया.
ममता बनर्जी के लिए अंतिम घड़ी आ चुकी है और पार्टी की स्थिति अब चिंता का कारण बन गई है. अब चिल्लाने और विरोध करने से कोई फायदा नहीं होगा। पार्टी का नियंत्रण एंटी सोशल तत्वों के हाथ में चला गया है. प्रशासन में मौजूद भ्रष्ट लोग ही सारी गड़बड़ी कर रहे हैं, जिसके कारण इन भ्रष्टाचारियों की विदाई निश्चित लग रही है. इस परिस्थिति में बदलाव अनिवार्य हो गया है और जनता भी बदलाव की उम्मीद रखती है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को होने जा रही है जहां मुख्य मुकाबल सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच है. बूथों पर वेबकास्टिंग का ट्रायल रन शुरू हो चुका है. पहले फेज में 2926 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला 3.77 करोड़ वोटर करेंगे.