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4 साल में खड़ा कर दिया 430 करोड़ का बिजनेस, लेकिन नहीं बदली लाइफस्टाइल, कहा- बेकार है महंगी घड़ी और कार   

लोगों के बीच यह आम धारणा है कि जब कोई बिजनेसमैन करोड़ों का कारोबार करता है, तो उसकी लाइफस्टाइल भी बदल जाती है. लेकिन 430 करोड़ की कंपनी खड़ी करने के बाद भी इस शख्स ने अपने ऊपर खर्च करने वाले पैसों को भी अपने बिजनेस में लगाने का फैसला किया.   

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4 साल में खड़ा किया करोड़ों का बिजनेस.
4 साल में खड़ा किया करोड़ों का बिजनेस.

आमतौर पर जब कोई कारोबारी कम समय में करोड़ों का बिजनेस खड़ा करता है तो उसकी लाइफस्टाइल भी बदल जाती है. महंगी कार, लग्जरी घड़ी और दूसरी महंगी चीजें खरीदना सफलता की निशानी माना जाता है लेकिन एक CEO की कहानी इससे बिल्कुल अलग है. उन्होंने महज चार साल में करीब 45 मिलियन डॉलर यानी लगभग ₹430 करोड़ का कारोबार खड़ा किया, लेकिन अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा खुद पर खर्च करने के बजाय बिजनेस को आगे बढ़ाने पर लगा दिया. CEO ने बताया कि उन्होंने इस दौरान खुद को करीब 40 हजार डॉलर यानी लगभग ₹37 लाख सालाना की सैलरी दी. उनका फोकस महंगी चीजें खरीदने के बजाय कंपनी के भविष्य और बड़े लक्ष्य पर रहा. 

22 साल की उम्र में परिवार के बिजनेस से की शुरुआत

न्यूयॉर्क में रहने वाले CEO ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि 22 साल की उम्र में उन्होंने अपने माता-पिता के कारोबार में काम करना शुरू किया था. करीब 12 साल तक उन्होंने इसी बिजनेस में काम किया और इस दौरान कारोबार को करीब से समझा. वह रोजाना काम करते थे और शनिवार को भी काम करने से पीछे नहीं हटते थे. लंबे समय तक काम करने के इस अनुभव ने उन्हें कारोबार की बारीकियां समझने में मदद की. इसके बाद सिर्फ चार साल में उन्होंने कंपनी को करीब ₹430 करोड़ के कारोबार तक पहुंचा दिया. 

34 साल की उम्र में शुरू किया अपना बिजनेस

करीब 12 साल तक परिवार के कारोबार में काम करने के बाद उन्होंने 34 साल की उम्र में अपना अलग बिजनेस शुरू किया.उनकी कहानी की खास बात यह है कि बिजनेस तेजी से बढ़ने के बावजूद उन्होंने अपनी लाइफस्टाइल को उसी रफ्तार से नहीं बदला. 

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CEO का कहना है कि आज के युवा जल्दी सफलता हासिल करना चाहते हैं. सोशल मीडिया की वजह से लोगों को लगता है कि कम उम्र में ही बड़ी सफलता मिल जानी चाहिए लेकिन असल जिंदगी में बड़े लक्ष्य हासिल करने में समय लगता है. उनका मानना है कि अगर लक्ष्य बड़ा है तो उसके लिए लंबी मेहनत और धैर्य भी रखना होगा. तुरंत मिलने वाले फायदे या दिखावे पर ध्यान देने के बजाय भविष्य के बड़े लक्ष्य पर फोकस करना ज्यादा जरूरी है. 

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