पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के कार्यकर्ता के पिता की पीट-पीटकर हत्या के मामले ने फिर जोर पकड़ा है. 13 अगस्त की घटना के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय तक मार्च निकाला. पुलिस ने रास्ते में जुलूस रोक दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए.
मामला बांकुड़ा के इंडस इलाके का है. यहां CJP के एक कार्यकर्ता के पिता की पिटाई के बाद मौत हो गई थी. घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पार्टी के कार्यकर्ताओं में नाराजगी है. पार्टी ने आरोप लगाया है कि इस घटना के पीछे बीजेपी समर्थित उपद्रवियों का हाथ था.
पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका मार्च
पार्टी के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय की ओर बढ़े थे. कार्यालय के पास पहुंचते ही पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया. इसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं सड़क पर बैठ गए. देखते ही देखते यह जगह धरना स्थल में बदल गई. पार्टी का कहना है कि जब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस-प्रशासन से मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है.
तीन मांगों को लेकर प्रदर्शन
सीजेपी ने इस दौरान तीन प्रमुख मांगें रखीं. पहली मांग है कि मामले के मुख्य आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कड़ी सजा मिले. दूसरी मांग मृतक अब्दुल माफिज के पिता माफिक की याद में इलाके में एक प्राथमिक स्कूल बनाने की है. तीसरी मांग मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर है. पार्टी चाहती है कि जांच के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाए, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके.
प्रदर्शन में शामिल पार्टी नेताओं ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए. उनका दावा है कि प्रदर्शन में पहुंचने से पहले उनके कई कार्यकर्ताओं को अलग-अलग तरीके से रोका गया. पार्टी प्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों की आवाज दबाने के लिए उनके घरों को गिराने की धमकी दी गई.
पार्टी ने दो-टूक चेतावनी दी है कि जब तक सारे आरोपी पकड़े नहीं जाते, तब तक डीएम दफ्तर के बाहर यह धरना खत्म नहीं होगा.