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TMC के बागी सांसदों की लिस्ट आई सामने! शत्रुघ्न सिन्हा और यूसुफ पठान का भी नाम

तृणमूल कांग्रेस में बगावत की अटकलों के बीच 19 सांसदों की एक सूची सामने आई है, जिसमें शत्रुघ्न सिन्हा और यूसुफ पठान जैसे बड़े नाम शामिल हैं. दावा है कि इन सांसदों ने अलग संसदीय गुट के गठन के समर्थन में हस्ताक्षर किए हैं. सूची सामने आने के बाद बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है.

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यूसुफ पठना और शत्रुघ्न सिन्हा भी TMC के बागी सांसदों में शामिल हैं (File Photo- PTI)
यूसुफ पठना और शत्रुघ्न सिन्हा भी TMC के बागी सांसदों में शामिल हैं (File Photo- PTI)

ममता बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. विधायकों के बाद अब बड़ी संख्या में सांसद भी बागी हो गए हैं. ऐसे ही 19 सांसदों की लिस्ट सामने आई है, जिनमें अभिनेता-राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान का नाम भी शामिल है. बताया जा रहा है कि इन सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को हस्ताक्षर करके एक पत्र सौंपा है. हालांकि इस संबंध में पार्टी की ओर से आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है.

इस सूची के सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. कारण, लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के कुल 28 सांसद हैं. ऐसे में यदि बागी खेमे के 19 सासंदों के दावे सही साबित होते हैं, तो यह टीएमसी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा. फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी नेतृत्व इस घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाता है और सूची में शामिल बताए जा रहे सांसद सार्वजनिक रूप से क्या प्रतिक्रिया देते हैं.

TMC के ये 19 सांसद हुए बागी

-काकोली घोष (बारासात)
-जगदीश चंद्र बसुनिया (कूचबिहार)
-खलीलुर रहमान (जंगीपुर)
-यूसुफ पठान (बहरामपुर)
-अबू ताहिर खान (मुर्शिदाबाद)
-पार्थ भौमिक (बैरकपुर)
-बापी हलदार (मथुरापुर)
-सायोनी घोष (जादवपुर)
-माला रॉय (कोलकाता दक्षिण)
-मिताली बाग (आरामबाग)
-दीपक अधिकारी (घाटाल)
-कालीपद सोरेन (झाड़ग्राम)
-जून मालिया (मेदिनीपुर)
-अरूप चक्रवर्ती (बांकुड़ा)
-डॉ. शर्मिला सरकार (वर्धमान पूर्व)
-शत्रुघ्न सिन्हा (आसनसोल)
-असित कुमार माल (बोलपुर)
-शताब्दी रॉय (बीरभूम)
-रचना बनर्जी (हुगली)

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सूत्रों के मुताबिक बागी सांसदों ने फिलहाल TMC से इस्तीफा न देने या औपचारिक रूप से BJP में शामिल न होने का फैसला किया है. इसके बजाय, वे NDA को समर्थन देने वाले एक अलग गुट के तौर पर काम करने की योजना बना रहे हैं. जानकारों का कहना है कि यह कदम दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित होने से बचने के लिए उठाया गया है. बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को काकोली घोष के नेतृत्व में एक अलग संसदीय गुट बनाने के बारे में पहले ही सूचित कर दिया है.

सूत्रों ने आगे बताया कि बागी गुट स्पीकर के सामने यह तर्क दे सकता है कि काकोली घोष लोकसभा में TMC के चीफ व्हिप बने हुई हैं. यह दावा संसद में होने वाली कानूनी और प्रक्रियात्मक लड़ाई का मुख्य मुद्दा बन सकता है. सूत्रों ने आगे बताया कि बागी गुट स्पीकर के सामने यह तर्क दे सकता है कि काकोली घोष लोकसभा में TMC के चीफ व्हिप हैं. यह दावा संसद में होने वाली कानूनी और प्रक्रियात्मक लड़ाई का मुख्य मुद्दा बन सकता है.

टीएमसी के ये सांसद अब भी ममता बनर्जी के साथ

-महुआ मोइत्रा (कृष्णानगर)
-सौगात रॉय (दम-दम)
-प्रतिमा मंडल (जयनगर)
-अभिषेक बनर्जी (डायमंड हार्बर)
-सुदीप बंदोपाध्याय (कोलकाता उत्तर)
-प्रसून बनर्जी (हावड़ा)
-सजदा अहमद (उलूबेरिया)
-कल्याण बनर्जी (श्रीरामपुर)
-कीर्ति आजाद (बर्धमान-दुर्गापुर)

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बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में शुरू हुई यह बगावत अब पार्टी के अस्तित्व और नेतृत्व की लड़ाई में बदलती नजर आ रही है. एक तरफ ममता बनर्जी का गुट दिल्ली में राजनीतिक विकल्प तलाश रहा है, तो दूसरी तरफ बागी खेमा संगठन, विधायकों और सांसदों के बहुमत के दम पर खुद को असली टीएमसी साबित करने में जुटा है. ऐसे में 28 साल पुरानी तृणमूल कांग्रेस अपने अब तक के सबसे बड़े राजनीतिक संकट का सामना करती दिखाई दे रही है.

राज्यसभा सांसदों का भी इस्तीफा

टीएमसी की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने बुधवार को पार्टी और संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है. सुष्मिता देव ने अपने फैसले को व्यक्तिगत और राजनीतिक कारणों से जुड़ा बताया. सूत्रों का दावा है कि देव बीजेपी में शामिल हो सकती हैं. इससे पहले  टीएमसी के सबसे वरिष्ठ राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने भी संसद और पार्टी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. 

हमारे साथ अब 64 विधायक: ऋतब्रत बनर्जी 

इसी बीच बागी खेमे के नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि उनकी अगुवाई वाले गुट के साथ अब 64 विधायक हैं. उन्होंने कहा कि यह संख्या आगे और बढ़ सकती है और इसलिए असली तृणमूल कांग्रेस वही है, न कि ममता बनर्जी का गुट. उन्होंने कहा, 'हमारा कांग्रेस में विलय करने का कोई इरादा नहीं है. हमारे साथ विधायकों की संख्या 64 तक पहुंच चुकी है और जल्द ही इसमें और इजाफा हो सकता है.'

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