साल 2027 में शनि राशि बदलने वाले हैं. शनि ग्रह 3 जून 2027 को मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे. शनि के इस राशि परिवर्तन के साथ ही साढ़ेसाती का पूरा गणित बदल जाएगा. कुंभ राशि से शनि की साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी और शुक्र के स्वामित्व वाली वृषभ राशि पर साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होगा. बता दें कि नवग्रहों में शनि सबसे धीमी चाल चलता है और करीब साढ़े सात साल में राशि परिवर्तन करता है. यानी वृषभ राशि पर अगले साल शुरू होने वाला साढ़ेसाती का दौर साढ़े सात साल बाद ही खत्म होगा.
2027 की दिवाली तक वृषभ पर साढ़ेसाती
शनि 3 जून 2027 को मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे. इस गोचर के साथ ही वृषभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव आरंभ हो जाएगा. हालांकि 20 अक्टूबर 2027 दीवाली से कुछ दिन पहले शनि वक्री अवस्था में एक बार फिर मीन राशि में लौटेंगे, जिससे कुछ समय के लिए वृषभ राशि से साढ़ेसाती का प्रभाव खत्म हो जाएगा. इसके बाद शनि 23 फरवरी 2028 को शनि जब दोबारा मेष राशि में आएंगे तो वृषभ राशि पर फिर से साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी.
कैसा होगा असर?
ज्योतिष शास्त्र में शनि और शुक्र को एक दूसरे का मित्र ग्रह माना गया है. इसलिए ज्योतिषविदों का मानना है कि साढ़ेसाती कुछ मामलों में रुकावटें तो पैदा करेगी, लेकिन जातकों को बहुत ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है. यदि जातक के कर्म ठीक होंगे, तो साढ़ेसाती उन्हें कोई बड़ा नुकसान नहीं देगी. ज्योतिषविदों का कहना है कि वृषभ राशि पर साढ़ेसाती शुरू होने के बाद कार्यों में रुकावटें महसूस हो सकती हैं. खर्चों में बढ़ोतरी होने की संभावना है. स्वास्थ्य के मामले में सिरदर्द या मानसिक तनाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं. व्यापार और करियर में भी समय-समय पर उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. अनजान लोगों के साथ संबंधों में सावधानी बरतने की जरूरत रहेगी.
ज्योतिषविदों के अनुसार, यदि व्यक्ति के कर्म ठीक होंगे तो शनि शुभ फल भी प्रदान कर सकते हैं. आपको विदेश से जुड़े कार्यों या बाहरी संपर्कों के मामलों में लाभ मिल सकता है. घर से दूर कोई अच्छी नौकरी करने का अवसर हाथ आ सकता है. विदेश में पढ़ने का सपना छात्रों का पूरा हो सकता है. प्रभावशाली लोगों से संपर्क बनने और भविष्य के लिए नए अवसर मिलने की संभावना भी बन सकती है.