युसूफ पठान (Yusuf Pathan) एक भारतीय पूर्व क्रिकेटर हैं. क्रिकेट का मैदान छोड़ अब वह राजनीति के मैदान में अपनी दूसरी पारी की शरुआत कर रहे हैं. पठान ने मार्च 2024 को अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) को ज्वाइन किया है.
जन्म 17 नवंबर 1982 को जन्में पठान ने 2002 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू किया था. वह दाएं हाथ के बल्लेबाज और दाएं हाथ के ऑफ-ब्रेक गेंदबाज थे. उनके छोटे भाई, इरफ़ान पठान भी एक पूर्व क्रिकेटर हैं. युसूफ पठान ने फरवरी 2021 में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया. वह 2007 टी20 विश्व कप और 2011 क्रिकेट विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रहे थे.
टीएमसी के बागी गुट ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को 18 मई की तारीख में ही अलग गुट के रूप में मान्यता के लिए पत्र लिख दिया था. 18 मई के दिन स्पीकर को दिए गए इस पत्र पर 18 सांसदों के हस्ताक्षर हैं. एक
पश्चिम बंगाल की सत्ता बदलते ही टीएमसी पूरी तरह बिखर गई है. ममता बनर्जी ने शत्रुघ्न सिन्हा, सयानी घोष और युसुफ पठान को सियासत के पिच पर खड़ा किया, लेकिन अब बागी खेमे के साथ खड़े हैं. टीएमसी के बागी सांसदों में इन तीनों ही नेताओं के नाम है, लेकिन उसके बाद भी खामोश हैं.
ममता बनर्जी की पार्टी में कथित तौर पर असंतोष बढ़ने की चर्चा है। रिपोर्टों के अनुसार, 19 सांसदों की एक सूची सामने आई है, जिनमें शत्रुघ्न सिन्हा और यूसुफ पठान का नाम भी शामिल बताया जा रहा है।
तृणमूल कांग्रेस में बगावत की अटकलों के बीच 19 सांसदों की एक सूची सामने आई है, जिसमें शत्रुघ्न सिन्हा और यूसुफ पठान जैसे बड़े नाम शामिल हैं. दावा है कि इन सांसदों ने अलग संसदीय गुट के गठन के समर्थन में हस्ताक्षर किए हैं. सूची सामने आने के बाद बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है.
ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में सियासी संग्राम छिड़ गया है. विधायकों के बाद सांसद भी टूटते नजर आ रहे हैं. बागी रह अपनाने वाले टीएमसी नेताओं का दावा है कि उनके साथ यूसुफ पठान भी हैं. इसके बाद महुआ मोइत्रा ने यूसुफ पठान पर तीखे हमले किए. ऐसे में सवाल उठता है कि यूसुफ पठान किसके साथ खड़े हैं.
तृणमूल कांग्रेस में सियासी भूचाल के बीच सांसद महुआ मोइत्रा ने यूसुफ पठान पर बागी खेमे का साथ देने का आरोप लगाकर नया विवाद छेड़ दिया है. एक तरफ 20 टीएमसी सांसदों के NDA को समर्थन देने का दावा किया जा रहा है, तो दूसरी ओर 60 विधायकों के समर्थन वाले पत्र ने ममता बनर्जी की पार्टी में टूट की अटकलों को और तेज कर दिया है.
वडोदरा भूमि विवाद में हाई कोर्ट ने यूसुफ पठान को फटकार लगाते हुए कहा कि आवंटन के बिना कब्जा कैसे किया गया? जमीन खाली करने या जुर्माना भरने को कहा गया है.
ममता बनर्जी के बरहामपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने और मौजूदा सांसद यूसुफ पठान से इस्तीफा दिलाने की खबरों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ममता ने सौरव गांगुली के जरिए यूसुफ पठान तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की थी।
पश्चिम बंगाल में एक खबर ने सियासी हलचल मचा दी. दावा किया गया कि विधानसभा चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी सांसद बनना चाहती हैं और इसके लिए उन्होंने सौरव गांगुली के जरिए बरहामपुर से TMC सांसद यूसुफ पठान से इस्तीफा दिलाने की कोशिश की. हालांकि सौरव गांगुली और यूसुफ पठान दोनों ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए ऐसी किसी बातचीत से इनकार कर दिया.
सौरव गांगुली ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से यूसुफ पठान को लोकसभा सीट छोड़ने का संदेश पहुंचाया था. गांगुली ने स्पष्ट कहा कि ममता बनर्जी ने उन्हें ऐसा कोई संदेश देने के लिए नहीं कहा और उन्होंने भी यूसुफ पठान से इस संबंध में कोई बातचीत नहीं की. यूसुफ पठान ने सीट छोड़ने की खबरों को खारिज किया है.
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली एक राजनीतिक विवाद में घिर गए, जब एक अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया कि उन्होंने ममता बनर्जी की ओर से सांसद यूसुफ पठान को लोकसभा सीट छोड़ने का संदेश दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, सीट खाली होने पर ममता बनर्जी उपचुनाव लड़ सकती थीं.
मुंबई की मजगांव कोर्ट ने सांसद यूसुफ पठान के ससुराल वालों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है. कोर्ट ने कहा कि आरोपियों ने खतरनाक हथियार से हमला किया और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका है. जानें, क्या है पूरा मामला?
मुंबई के भायखला इलाके में एक मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जब सड़क पर पानी के छींटे पड़ने से शुरू हुआ झगड़ा मारपीट तक पहुंच गया. इस मामले में यूसुफ पठान के रिश्तेदारों पर पड़ोसियों के साथ मारपीट का आरोप लगा है. घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है, जिससे मामला और तूल पकड़ता जा रहा है. मझगांव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने TMC सांसद यूसुफ पठान के तीनों आरोपी रिश्तेदारों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं.
मुंबई के भायखला में हुए एक विवाद में टीएमसी सांसद युसूफ पठान के ससुर और साले समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस मारपीट में पीड़ित के रिश्तेदार का हाथ फ्रैक्चर हो गया है. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को 2 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. क्या है पूरा मामला? जानें.
नाडू गोपाल एक वरिष्ठ नेता हैं जिन्होंने यहाँ बहुत अच्छा काम किया है. हर किसी को चुनाव लड़ने का हक होता है लेकिन नाडू गोपाल ने अपने कार्यों से बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया है. उनके कार्य ने इस स्थान पर सकारात्मक बदलाव लाए हैं और लोगों के विश्वास को मजबूत किया है. उनकी मेहनत और समर्पण को देखकर हर कोई उन्हें श्रेष्ठ मानता है.
IPL के पहले सीजन में राजस्थान रॉयल्स ने इतिहास रचते हुए खिताब जीता था. शेन वॉर्न की कप्तानी में कई अनजाने खिलाड़ी स्टार बने. लेकिन आज तस्वीर बदल चुकी है, कुछ बड़े नाम बन गए, जबकि कई खिलाड़ी क्रिकेट से दूर गुमनामी की जिंदगी जी रहे हैं. राजस्थान रॉयल्स की हाल में बिक्री हुई तो यह टीम एक बार फिर चर्चा में आ गई.
युवराज सिंह ने गौतम गंभीर को उनके जन्मदिन पर अनोखे अंदाज में बधाई दी. युवराज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया. जहां बैकग्राउंड में एनिमल मूवी का 'अर्जन वैली' सॉन्ग बैकग्राउंड में प्ले हो रहा है.
गुजरात हाई कोर्ट ने पूर्व क्रिकेटर और टीएमसी सांसद यूसुफ पठान को वडोदरा स्थित सरकारी भूखंड पर अतिक्रमणकारी पाया और कब्ज़ा हटाने का आदेश दिया. कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए कहा कि मशहूर हस्तियों को कानून तोड़ने पर छूट नहीं मिल सकती, क्योंकि इससे समाज में गलत संदेश जाता है.
भारत और पाकिस्तान के एशिया कप में मैच को लेकर स्टार क्रिकेटर सुरेश रैना ने aajtak.in से खास बातचीत की. जहां उन्होंने पाकिस्तान संग टीम इंडिया के खिलाड़ियों के खेलने की 'मजबूरी' पर बात की. वहीं बताया आखिर वो क्यों खेल रहे हैं.
बीजेपी ने ममता बनर्जी का बंगाली बनाम बाहरी वाले दांव की काट खोज ली है. बहरामपुर से टीएमसी सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान का नाम लेकर बीजेपी अब ममता बनर्जी के बंगाली अस्मिता के दावे पर ही सवाल उठाने लगी है. टीएमसी के कई सांसद पश्चिम बंगाल से बाहर के हैं, जो नई मुश्किल बढ़ा सकते हैं.
बिहार में कांग्रेस की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के समापन में तृणमूल कांग्रेस के नेता यूसुफ पठान और ललितेश त्रिपाठी शामिल होंगे. यात्रा का उद्देश्य 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने के खिलाफ आवाज उठाना है. विपक्ष ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया, जबकि चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हटाए गए नामों की सूची जारी कर दी.