पश्चिम बंगाल में सयानी घोष को अपने क्षेत्र में लोगों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा. लोगों ने नाराजगी जताते हुए कई सवाल उठाए और नारे लगाए. यह घटना उस समय हुई जब वह एक पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं थीं, जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया.