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रेजीनगर में हुमायूं कबीर का किला दरक गया, बीजेपी कैंडिडेट ने बनाई बंपर बढ़त

पश्चिम बंगाल के रेजीनगर सीट पर उपचुनाव में मतों की गणना में भाजपा का दबदबा कायम है. हुमायूं कबीर के सीट छोड़ने के बाद इस सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव हुआ था. शुक्रवार सुबह 8 बजे से मतों की गणना चल रही है.

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23 केंद्रों पर वोटों की गिनती (File Photo: ITG)
23 केंद्रों पर वोटों की गिनती (File Photo: ITG)

पश्चिम बंगाल में रेजीनगर विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव हुए थे. आज सुबह आठ बजे से ही वोटों की गिनती जारी है. शुरुआत से ही भाजपा ने इस सीट पर बढ़त हासिल की हुई है. आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने विधानसभा चुनाव में इसी साल नवदा और रेजीनगर सीट पर जीत हासिल की थी. बाद में नियमों के तहत उन्होंने रेजीनगर सीट छोड़ दी थी जिस कारण यहां उपचुनाव आयोजित हुआ था. हालांकि अबकी बार उपचुनाव में एजेयूपी का हाल कुछ ठीक नहीं लग रहा है. 

छह राउंड के बाद ही भाजपा की ऐतिहासिक बढ़त 

पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट पर शुरुआती राउंड में काउंटिंग के बाद ही भाजपा ने बड़ी बढ़त बना ली. 6 राउंड के बाद BJP के 55081 वोट के मुकाबले AJUP के खाते में सिर्फ 18,345 वोट आए. वहीं ममता की आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार रबीबुल अलम चौधरी को महज 2738 वोट ही मिले. छठे राउंड के बाद बीजेपी 36736 वोटों से आगे हो गई. खास ये है कि पोस्टल बैलेट काउंटिंग से ही भाजपा ने बढ़त बना ली थी. 

नई सरकार की पहली चुनावी परीक्षा

पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी के लिए यह उपचुनाव काफी मायने रखता है. बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद यह सरकार की पहली चुनावी परीक्षा है. ऐसे में बहुत हद तक यह पार्टी की साख का भी सवाल है.   
 
उपचुनाव को लेकर भाजपा-कांग्रेस नेताओं ने ये कहा...

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पश्चिम बंगाल के मंत्री तपस रॉय ने नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के नतीजों को लेकर जीत का भरोसा जताया है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी दोनों सीटों पर जरूर जीत हासिल करेगी. उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम मतदाताओं के वोट उनके पक्ष में पड़े हैं. वहीं पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने उपचुनाव को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि अगर मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष और बिना किसी डर के हुआ होता, तो नतीजों को लेकर उम्मीद की जा सकती थी. उन्होंने दोबारा मतदान कराने की मांग की. कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के बीच मिलीभगत का आरोप भी लगाया. 

रेजीनगर मुस्लिम बहुल क्षेत्र, फिर भी जीत का दावा

रेजीनगर मुस्लिम बहुल निर्वाचन क्षेत्र है. इस सीट पर भाजपा कभी भी चुनाव नहीं जीत पाई है, लेकिन इस उपचुनाव में शुरुआत से ही भाजपा ने इस सीट पर ऐतिहासिक बढ़त हासिल की. भाजपा के सामने मुस्लिम बहुल सीट पर बेहतर शुरुआत भी अन्य पार्टियों के लिए चौंकाने वाली है.   

हुमांयू के बेटे गुलाम नबी से आगे शंखराव

रेजीनगर में भाजपा के उम्मीदवार शंखराव सरकार इस बार AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद (रॉबिन) से आगे निकल गए हैं. ऐसे में इस सीट पर पिछले चुनाव में जीत हासिल कर चुकी AJUP के लिए यह सीट जीतना बड़ी चुनौती हो गई है. हुमायूं कबीर ने सीट छोड़ने के बाद अपने बेटे को चुनाव मैदान में उतारा है.

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ममता के सामने भी चुनौती

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने भी इस बार बड़ी चुनौती है. तृणमूल कांग्रेस के विभाजन के बाद उनकी पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने रबीउल आलम चौधरी को टिकट दिया था, लेकिन वह भी शुरुआत से ही मतगणना में पीछे रहे. 

इस उपचुनाव में बंपर वोटिंग 

बीते छह अक्तूबर को कड़ी सुरक्षा के बीच उपचुनाव आयोजित किया गया था. मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और रेजीनगर में करीब 78.42% से 80% तक मतदान दर्ज किया गया. विपक्ष की ओर से वोट चोरी और धांधली के आरोप भी लगाए. कांग्रेस की ओर से इस सीट पर फिर से मतदान कराने की मांग भी की गई थी. उपचुनाव में भाजपा, कांग्रेस, टीएमसी (ममता गुट), बागी टीएमसी गुट (डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस), वामदल (CPI-M) और AJUP समेत कई दल मैदान में थे.

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