हुमायूं कबीर (Humayun Kabir) पश्चिम बंगाल (West Bengal) में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के विधायक हैं. 24 नवंबर 2025 को हुमायूं कबीर ने ऐलान किया है कि 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में ‘बाबरी मस्जिद’ के निर्माण की आधारशिला रखी जाएगी. दरअसल यह वही तारीख है जब 33 वर्ष पहले अयोध्या में बाबरी ढांचा गिराया गया था. इस बयान के बाद वे काफी चर्चा में है.
हुमायूं कबीर भरतपुर विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी के विधायक रहे हैं और राज्य में मंत्री पद भी संभाल चुके हैं. 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भरतपुर सीट से 96,226 वोट पाकर जीत दर्ज की थी और बीजेपी उम्मीदवार ईमान कल्याण मुखर्जी को 43,083 वोटों से हराया था. इससे पहले 2016 में वे इसी सीट से सपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे थे, लेकिन उस समय उन्हें सिर्फ 1,497 वोट मिले थे.
जनता उन्नयन पार्टी (JUP) ने 24 घंटे के भीतर बालिगंज विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार बदल दिया. पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर ने निशा चटर्जी को हटाकर रिटायर्ड पुलिस अधिकारी अबू हसन को टिकट दिया है.
BJP नेता रमेश बिधूड़ी ने टीएमसी पर बड़ा हमला बोला है. उन्होनें कहा कि टीएमसी बंगाल में घुसपैठियों को लेकर राजनीति कर रही है. बंगाल में 35 से 40% घुसपैठियें है, साथ ही पूछा कि हुमायूं कबीर के खिलाफ अब तक कितनी FIR दर्ज की गई है, उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया. टीएमसी आग में घी डालने का काम कर रही है.
BJP नेता रमेश बिधूड़ी ने टीएमसी से निष्कासित हुमायूं कबीर पर तीखा हमला बोला है. उन्होनें कहा कि 'हुमायूं कबीर कहे कि वो एक और हुमायूं कबीर बनाने जा रहे है और वो एक और बाबर पैदा होने जा रहे है, लेकिन अब देश बदल चुका है ये नया भारत है इसमें नए हुमायूं और बाबर पैदा नहीं होने दिए जाएंगे.'
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में जनता उन्नयन पार्टी (JUP) प्रमुख हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन को पुलिस ने हिरासत में लिया है. उन पर हुमायूं कबीर के निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) से कथित मारपीट का आरोप है. इस बीच बाबरी मस्जिद और आगामी चुनावों को लेकर हुमायूं कबीर के बयान ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है.
अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर शवों की राजनीति करने का आरोप लगाया. साथ ही मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद से जुड़े विवाद और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है.
आज हल्ला बोल में पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद को लेकर उठ रहे विवादों पर गहराई से चर्चा की गई. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने स्पष्ट किया कि बाबरी मस्जिद का मसला कोर्ट में निपट चुका है और विवाद खत्म हो गया है. मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाने की कोशिशों को वोट की राजनीति माना गया है. राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि इस मुद्दे पर अपने-अपने मत रख रहे हैं और यह भी बताया जा रहा है कि इससे देश में सौहार्द कैसे प्रभावित हो रहा है.
बंगाल चुनाव में बाबरी मस्जिद का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है. तृणमूल कांग्रेस से सस्पेंड किए गए हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखी थी. यह कार्यक्रम प्रतीकात्मक था, जिसमें हुमायूं कबीर ने फीता काटकर मस्जिद का निर्माण अपने प्रोजेक्ट के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया. इस कदम के बाद चुनावी राजनीति में इस विवादित मुद्दे का क्या प्रभाव पड़ेगा यह देखने वाली बात होगी.
पश्चिम बंगाल में चुनावों के मद्देनजर हुमायूं कबीर ने नई राजनीतिक पार्टी जनता उन्नयन पार्टी की घोषणा की है, टीएमसी से सस्पेंड होने के बाद वे चुनावी मैदान में उतरे हैं और दावा करते हैं कि वे बंगाल की सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे. मुस्लिम वोटिंग पॉलिटिक्स का नया दौर बंगाल की राजनीति में उभर रहा है जिसमें धर्म और जाति के मुद्दे प्रमुख हैं. विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि इस विषय पर गहराई से चर्चा कर रहे हैं, खासकर मुस्लिम आबादी और उसके बढ़ते प्रतिशत को लेकर। इस बीच बंगाल में बेरोजगारी, महंगाई, घुसपैठ जैसे मुद्दे भी चुनावी केंद्र बने हुए हैं.
हुमायूं कबीर पार्टी बनाने के तुरंत बाद विवादों में आ गए हैं. मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करने वाले हुमायूं कबीर पर आरोप है कि उन्होंने एक हिन्दू उम्मीदवार निशा चैटर्जी का टिकट काट दिया. निशा को बालीगंज विधानसभा सीट के लिए जनता उन्नयन पार्टी का टिकट दिया गया था, लेकिन सिर्फ बारह घंटे के भीतर इसे वापस ले लिया गया. इंटरनेट पर निशा के कुछ वीडियो और फोटो मिले, जिनमें उनके पहनावे और हाव-भाव को लेकर आपत्ति जताई गई. निशा का आरोप है कि उनके हिंदू होने के कारण यह कदम उठाया गया है.
पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब हुमायूं कबीर की नई पार्टी ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निशा चटर्जी को उम्मीदवार बनाने के 24 घंटे के अंदर ही उनका टिकट काट दिया. पार्टी ने इसे 'वल्गर' सोशल मीडिया एक्टिविटी बताया है, जबकि निशा ने इसे धार्मिक भेदभाव करार दिया है और पार्टी प्रमुख कबीर पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में पार्टी बनाते ही विवादों को जन्म दिया है. उन्होंने बालीगंज विधानसभा सीट से पार्टी 'जनता उन्नयन पार्टी' का टिकट निशा चैटर्जी को दिया था, लेकिन इंटरनेट पर उनके कुछ वीडियो और फोटो आपत्तिजनक बताकर 12 घंटे के भीतर टिकट वापस लिया गया. वहीं, निशा का दावा है कि हिंदू होने के कारण उनका टिकट काटा गया.
टीएमसी से निकाले गए हुमायूं कबीर चर्चा में हैं. पश्चिम बंगाल में नई राजनीतिक पार्टी के गठन के साथ ही उनके एक फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में विवाद तेज हो गया है. पार्टी लॉन्च के 24 घंटे के भीतर हुमायूं कबीर ने निशा चटर्जी का टिकट काट दिया है. निशा का आरोप है कि हिंदू होने की वजह से मेरा टिकट काट दिया गया है.
पश्चिम बंगाल में 'बाबरी मस्जिद' के बाद मुर्शिदाबाद में टीएमसी के ही एक विधायक ने मंदिर बनवाने का ऐलान किया है. मस्जिद बनवाने के ऐलान पर हुमायूं कबीर को टीएमसी ने सस्पेंड कर दिया था. अब टीएमसी विधायक जाकिर हुसैन ने अपना नया प्रोजेक्ट लाकर टीएमसी को पसोपेश में डाल दिया है.
6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले TMC से निष्कासित हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल के चुनावी मैदान में कदम रखने के लिए नई पार्टी बनाई है जिसका नाम जनता उन्नयन पार्टी रखा गया है. हुमायू कबीर का दावा है कि वे पश्चिम बंगाल की सभी सीटों पर अपने पार्टी के उम्मीदवार उतारेंगे और चुनावी समर में मजबूत प्रतिस्पर्धा करेंगे.
TMC से बर्खास्त हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद के मंच से अपनी नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा की है. उन्होंने दावा किया कि लगभग चार लाख लोग उनकी पार्टी के पक्ष में जुटेंगे. पार्टी बनने से ममता बनर्जी के लिए नए राजनीतिक संकट उत्पन्न हो सकते हैं. इस पार्टी की आधारशिला बाबरी मस्जिद है और यहां पर लाखों लोग जुट रहे हैं.
TMC से बर्खास्त हुमायूं कबीर ने आगामी चुनावों को लेकर अपनी रणनीतियों और संभावित मुकाबलों पर विस्तार से चर्चा की. हुमायूं कबीर ने बताया कि कांग्रेस और CPM जीरो है, साथ ही बताया कि उनकी पार्टी पूरी 294 सीटों पर लड़ेगी.
बीजेपी से टीएमसी होते हुए हुमायूं कबीर ने अब अपनी राजनीतिक पार्टी बना ली है. एक तरफ वो मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनवा रहे हैं, और दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत की तारीफ में कसीदे पढ़ रहे हैं - आखिर पश्चिम बंगाल चुनाव में वो किस मोड़ पर नजर आने वाले हैं.
छह दिसंबर को बाबरी मस्जिद के नींव रखने वाले हुमायू कबीर अब अपनी नई राजनीतिक पार्टी जनता उन्नयन पार्टी लेकर पश्चिम बंगाल के चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं. उनकी नई पार्टी का दावा है कि वे राज्य के सभी निर्वाचन क्षेत्रों में अपने प्रत्याशी उतारेंगे.
RSS प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान और टीएमसी से बर्खास्त हुमायूं कबीर के बयानों से बंगाल की राजनीतिक सियासत गरमा गई है. जहां एक ओर RSS प्रमुख मोहन भागवत ने बांगल में भारत को हिंदू राष्ट्र कहा तो वहीं दूसरी ओर टीएमसी से ही बर्खास्त किए गए पूर्व TMC नेता हुमायूं कबीर ममता सरकार के लिए बंगाल चुनाव में चुनौती बन गए है.
TMC से निलंबित विधायक हुमायूँ कबीर ने अपनी नई 'जनता उन्नयन पार्टी' बनाई है. उन्होंने ममता बनर्जी को 2026 में 100 सीटों से नीचे रोकने का दावा किया और फिरहाद हकीम पर विवादित निजी टिप्पणी की. बीजेपी ने इसे मुस्लिम वोट बांटकर टीएमसी की मदद करने का चुनावी स्टंट बताया है.
बाबरी मस्जिद निर्माण को लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर हुमायू कबीर ने प्रतिक्रिया दी है. हुमायू कबीर ने आरएसएस और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर एकसाथ काम करने का आरोप लगाया है.