हुमायूं कबीर (Humayun Kabir) पश्चिम बंगाल (West Bengal) में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के विधायक हैं. 2026 विधानसभा चुनाव में वे रेजीनगर और नौदा दो सीटों से चुनावी मैदान में उतरे थे. रेजीनगर पर उन्होंने 58 हजार वोटों से और नौदा से 20 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की है.
24 नवंबर 2025 को हुमायूं कबीर ने ऐलान किया है कि 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में ‘बाबरी मस्जिद’ के निर्माण की आधारशिला रखी जाएगी. दरअसल यह वही तारीख है जब 33 वर्ष पहले अयोध्या में बाबरी ढांचा गिराया गया था. इस बयान के बाद वे काफी चर्चा में है.
हुमायूं कबीर भरतपुर विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी के विधायक रहे हैं और राज्य में मंत्री पद भी संभाल चुके हैं. 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भरतपुर सीट से 96,226 वोट पाकर जीत दर्ज की थी और बीजेपी उम्मीदवार ईमान कल्याण मुखर्जी को 43,083 वोटों से हराया था. इससे पहले 2016 में वे इसी सीट से सपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे थे, लेकिन उस समय उन्हें सिर्फ 1,497 वोट मिले थे.
पश्चिम बंगाल के उपचुनाव नतीजों ने बीजेपी को जश्न मनाने का शानदार मौका दिया है. रेजिनगर और नंदीग्राम दोनों ही सीटों पर बीजेपी जीती है. 70 फीसदी मुस्लिम मतदाता वाले रेजिनगर में बीजेपी ने 75 हजार वोटों से जीत हासिल कर राजनीतिक पंडितों को इन चुनाव नतीजों पर सोचने को मजबूर कर दिया है.
पश्चिम बंगाल के रेजीनगर सीट पर उपचुनाव में मतों की गणना में भाजपा का दबदबा कायम है. हुमायूं कबीर के सीट छोड़ने के बाद इस सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव हुआ था. शुक्रवार सुबह 8 बजे से मतों की गणना चल रही है.
हुमायूं कबीर तब चर्चा में आए थे जब 2025 विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने बंगाल में 'बाबरी मस्जिद' बनाने की घोषणा की थी. विधानसभा चुनाव में उन्होंने चौंकाने वाला प्रदर्शन किया और दो सीटों से चुनाव जीते. रेजीनगर में उपचुनाव के दौरान उनकी पुलिस से भिड़ंत हुई थी.
पश्चिम बंगाल में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के दौरान एक बड़ी खबर सामने आ रही है. राज्य की रेजीनगर विधानसभा सीट पर चल रहे उपचुनाव के मतदान के बीच पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. पुलिस ने यूजेपी विधायक हुमायूं कबीर को अपनी हिरासत में ले लिया है. जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने हुमायूं कबीर को उनके पार्टी कार्यालय से हिरासत में लिया है. इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है.
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में रेजीनगर विधानसभा सीट के उपचुनाव के दौरान आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.
6 अक्टूबर को भारत के छह राज्यों की छह प्रमुख विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने जा रहे हैं. असम की नगांव लोकसभा सीट, पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटें, तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीटें और पुडुचेरी की थट्टनचावडी विधानसभा सीट पर मतदान होगा.
हुमायूं कबीर ने कहा है कि वे मुख्यमंत्री की लंबी उम्र की कामना करते हैं और चाहते हैं कि वे अपना कार्यकाल पूरा करें. उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भविष्य में देश के प्रधानमंत्री भी बनें. हुमायूं कबीर का यह स्पष्टीकरण उनके एक विवादित बयान के बाद आया है.
मुर्शिदाबाद के रेजीनगर में उपचुनाव से पहले पुलिस ने आम जनता उन्नयन पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं अनीसुर रहमान और सोहेल मंडल को एक पुराने मामले में सोमवार रात को गिरफ्तार कर लिया.
हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में प्रचार न करने का एक बड़ा और बेहद चौंकाने वाला फैसला लिया है. हुमायूं कबीर का आरोप है कि स्थानीय पुलिस प्रशासन उनके और उनके चुनावी समर्थकों को लगातार परेशान कर रहा है. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर दावा किया कि पुलिस उनके कार्यकर्ताओं को बेवजह थाने बुला रही है और उन्हें डरा-धमका कर गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है.
पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है. तृणमूल कांग्रेस के नेता हुमायूं कबीर ने एक बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि वे अब अपने बेटे के लिए आगामी उपचुनाव में प्रचार नहीं करेंगे. उनका बेटा गुलाम नबी आजाद रेजी नगर विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ रहा है. कबीर ने इसके पीछे पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि पुलिस उन्हें और उनके समर्थकों को लगातार परेशान कर रही है और अनुचित दबाव बना रही है.
हुमायूं कबीर ने पुलिस पर आम जनता उन्नयन पार्टी के कार्यकर्ताओं को परेशान और गिरफ्तार करने का आरोप लगाते हुए रेजीनगर उपचुनाव में प्रचार नहीं करने का ऐलान किया है. इस सीट से उनके बेटे गुलाम नबी आजाद चुनाव लड़ रहे हैं.
रेजीनगर सीट से निर्दलीय उम्मीदवार सैफुल इस्लाम को पांच साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है. इससे पहले नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को भी शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था.
तृणमूल कांग्रेस विधायक हुमायूं कबीर का पश्चिम बंगाल के शशान में हुमायूं कबीर का विरोध हुआ. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ‘गो बैक’ के नारे लगाए. तनाव बढ़ने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली. वहीं TMC ने कार्यालय में तोड़फोड़ का आरोप लगाया है.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा और कांग्रेस के बीच सियासी तलवार खिंच चुकी है. कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद इन दिनों सपा को मुस्लिम विरोधी कठघरे में खड़े करने में जुटे हैं. ऐसे में इमरान मसूद सपा को असदुद्दीन ओवैसी और हुमायूं कबीर की तरह नजर आने लगे हैं.
पश्चिम बंगाल की सियासत में ममता बनर्जी की टेंशन खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. पार्टी टूट चुकी है और दोबारा से उभरने की कवायद में जुटी ममता बनर्जी को शहीद दिवस पर कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिली. इसी तरह बागी गुट के अरमानों पर भी पानी फिर गया तो हुमायूं कबीर पर सरकार का शिकंजा कसा जा रहा है.
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कड़े संदेश के महज 24 घंटे के अंदर रेजीनगर और शक्तिपुर पुलिस स्टेशन की टीम हुमायूं कबीर के शक्तिपुर स्थित आवास पर पहुंची. इस समय हुमायूं कबीर और उनके बेटे गुलाम नबी आजाद रॉबिन घर पर नहीं थे, इसलिए नोटिस उनकी पत्नी मीरा सुल्ताना को सौंपे गए.
AJUP नेता हुमायूं कबीर ने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनका निशाना गुंडे थे, शुभेंदु अधिकारी नहीं. जेल भेजे जाने पर कानूनी लड़ाई की चेतावनी दी.
एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी को रेजिनगर विधानसभा उपचुनाव में लड़ने के लिए अपनी सीट का ऑफर दिया है. साथ ही उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को संसदीय राजनीति में बने रहना चाहिए.
हुमायूं कबीर ने बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी को रेजिनगर विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ने का ऑफर दिया है. उन्होंने आगे कहा कि अगर ममता उन्हें बताएंगी, तो वे रेजिनगर से देने को तैयार हैं, जिसे उन्होंने पहले बेटे के लिए घोषित किया था. अधिक जानने के लिए देखें Video.
भारत में गोहत्या पर अलग-अलग राज्यों के कानून हैं और सुप्रीम कोर्ट ने भी इस विषय पर कई अहम फैसले दिए हैं. यह मामला धार्मिक भावना के साथ-साथ संविधान और कानून व्यवस्था से जुड़ा हुआ है.
हुमांयू कबीर ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि इस बार ऊट, गाय और बक की कुर्बानी निश्चित रूप से होगी. उन्होंने जोर देकर कहा है कि कोई भी उन्हें कुर्बानी देने से रोक नहीं सकता. यह बयान कुर्बानी के महत्व और उसकी अनिवार्यता को दर्शाता है. कुर्बानी का यह संदेश लोगों में उत्साह और प्रतिबद्धता को बढ़ावा देता है, जिससे यह पर्व अपनी परंपरागत महत्ता के साथ मनाया जाएगा.