दक्षिण कोरिया के K-Pop बैंड्स का क्रेज अब सिर्फ गानों तक सीमित नहीं है. इसी दीवानगी का फायदा उठाकर दो स्कूली छात्राओं को ऐसा सपना दिखाया गया कि वे घर छोड़कर सैकड़ों किलोमीटर दूर निकल पड़ीं. कहा गया- K-Pop आइडल बनना है? दक्षिण कोरिया चलो. लेकिन इससे पहले कि दोनों देश का बॉर्डर पार कर पातीं, पुलिस और एक NGO की सतर्कता से उन्हें सुरक्षित बचा लिया गया.
मामला पश्चिम बंगाल के मालदा जिले का है. पुलिस के मुताबिक, बचाई गई दोनों लड़कियां छठवीं क्लास में पढ़ती हैं. परिवार ने उनके लापता होने की सूचना दी, जिसके बाद जांच शुरू हुई. जांच में सामने आया कि दोनों बस से सिलीगुड़ी जा रही थीं और वहां तेनजिंग नोर्गे बस टर्मिनस पर कुछ लोगों से मिलने वाली थीं.

सूचना मिलते ही NJP पुलिस ने इलाके में बसों की जांच शुरू कर दी. बाद में दोनों छात्राओं को जलपाईमोड़ इलाके में एक बस से सुरक्षित उतार लिया गया. उन्हें थाने लाया गया और परिवार को सूचना देकर उनके सुपुर्द कर दिया गया.
पुलिस के मुताबिक, करीब एक साल पहले दोनों छात्राएं Pinterest और एक दूसरे ऐप के जरिए दिघी सरकार नाम इस्तेमाल करने वाले एक व्यक्ति के संपर्क में आई थीं.
जांच में सामने आया कि उस व्यक्ति ने कथित तौर पर लड़कियों से दोस्ती की, उन्हें बातों में फंसाया और फिर दक्षिण कोरिया में K-Pop आइडल बनने और मॉडलिंग के मौके का सपना दिखाया. लड़कियों से कहा गया कि तुम मॉडल बन सकती हो, इसके लिए कोरियाई भाषा सीखने और वहां की संस्कृति समझने के लिए भी कहा गया.
पुलिस के मुताबिक, उन्हें कथित तौर पर Demons नाम के एक ऑनलाइन ग्रुप में भी जोड़ा गया था. वहां यात्रा, लोकेशन और आगे की प्लानिंग से जुड़ी जानकारी शेयर की जाती थी.
पहले भूटान, फिर दक्षिण कोरिया?
लड़कियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें परिवार को बिना बताए घर छोड़ने के लिए कहा गया था. लड़कियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें समझाया गया था कि पहले वे भूटान जाएंगी और वहां से उन्हें दक्षिण कोरिया ले जाया जाएगा. वहां एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में ट्रेनिंग और करियर का मौका मिलने का भरोसा दिया गया था. पुलिस अब इन दावों की जांच कर रही है.
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जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि सोशल मीडिया पर लड़कियों से संपर्क करने वाला व्यक्ति कौन था और क्या इसके पीछे कोई संगठित ह्यूमन ट्रैफिकिंग गैंग है. डिजिटल चैट, सोशल मीडिया अकाउंट और ऑनलाइन ग्रुप की भी जांच की जा रही है.
घटना की जानकारी मिलने के बाद बीजेपी नेता और इंग्लिश बाजार की पूर्व विधायक श्रीरूपा मित्रा चौधरी भी पुलिस स्टेशन पहुंचीं. उन्होंने दोनों छात्राओं से मुलाकात की और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की. उन्होंने कहा कि समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ा खतरा टल गया.
यह मामला अलर्ट करता है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले ऑफर, खासकर नाबालिगों के लिए, कितने खतरनाक हो सकते हैं. पुलिस पैरेंट्स से अपील कर रही है कि बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटीज पर नजर रखें और उन्हें ऐसे झांसे से सावधान करें.