पाकिस्तान इस समय कई मोर्चों पर गंभीर संकट से जूझ रहा है. पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में लंबे समय से जारी विरोध प्रदर्शन अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुए हैं, बलूचिस्तान में अलगाववादी हमले लगातार बढ़ रहे हैं और खैबर पख्तूनख्वा में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) सुरक्षा बलों को निशाना बना रहा है. इसी बीच अब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने सरकार के खिलाफ एक और बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया है.
पीटीआई की संसदीय पार्टी की बैठक में फैसला लिया गया कि 5 अगस्त से पूरे पाकिस्तान में देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा. इसी दिन इमरान खान की गिरफ्तारी के तीन साल पूरे होंगे. पार्टी का कहना है कि आंदोलन का असल मकसद इमरान खान की रिहाई और अन्य राजनीतिक मांगों को लेकर जनता को एकजुट करना है.
यह भी पढ़ें: PoK में बवाल, खैबर-बलूचिस्तान से लेकर अफगान सीमा तक उबाल... 4-फ्रंट पर घिरे मुनीर का क्या होगा?
इस्लामाबाद स्थित खैबर पख्तूनख्वा हाउस में अंतरिम अध्यक्ष बैरिस्टर गौहर अली खान की अध्यक्षता में हुई बैठक में आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पीटीआई महासचिव सलमान अकरम राजा ने बताया कि आंदोलन के तहत देशभर में जनसभाएं, विरोध प्रदर्शन और लॉन्ग मार्च आयोजित किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि आंदोलन की अंतिम रूपरेखा तय करने के लिए महमूद खान अचकजई और अल्लामा राजा नासिर अब्बास से भी सलाह ली जाएगी.
बैठक के बाद बैरिस्टर गौहर अली खान ने कहा कि इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की सेहत पर भी चर्चा हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान खान को अदालतों से न्याय नहीं मिल रहा है और देश में बढ़ रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी हो गया है. उनके मुताबिक 5 अगस्त को पूरे पाकिस्तान में रैलियां निकालकर इमरान खान की गिरफ्तारी के तीन साल पूरे होने का विरोध किया जाएगा.
यह भी पढ़ें: PoK से Pakistan के खिलाफ बगावत और तेज हुई, JAAC नेता सरदार अमान खान बोले- 'ये आज़ाद नहीं, अवैध कब्जा है'
इस बीच पीटीआई ने उन खबरों का भी खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि पार्टी संसद की स्थायी समितियों के बहिष्कार को खत्म करने जा रही है. पार्टी के मुख्य सचेतक मलिक आमिर ने साफ कहा कि बहिष्कार जारी रहेगा और इस पर कोई भी फैसला इमरान खान से सलाह के बाद ही लिया जाएगा.
उधर, पीटीआई के वकील अवैस यूनुस चौधरी ने अदियाला जेल प्रशासन को छह नेताओं की सूची सौंपी है, ताकि वे इमरान खान से मुलाकात कर सकें और आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा कर सकें.