पद्मा नदी में तेज लहरों और पानी के तेज बहाव के कारण नाव पलट गई, जिसके बाद BSF ने 10 बांग्लादेशी नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया. इनमें एक छोटा बच्चा भी शामिल है.सभी लोग बांग्लादेश के चापाइनवाबगंज जिले के रहने वाले हैं.
नाव पलटने के बाद तेज नदी की धार में बह गए लोग किसी तरह तैरकर सुरक्षित जगह की ओर बढ़ने लगे. इस दौरान सतर्क BSF जवानों की नजर संघर्ष कर रहे लोगों पर पड़ी. इसके बाद मुर्शिदाबाद के लालगोला में तारानगर इलाके से स्पीड बोट भेजी गई और सभी को सुरक्षित किनारे लाया गया.
बचाव के बाद सभी लोगों को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मेडिकल जांच और प्राथमिक उपचार किया गया. उनकी हालत स्थिर होने और ठीक होने की पुष्टि के बाद BSF ने बांग्लादेश के साथ समन्वय कर सभी की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की.
असम में हाईकोर्ट का फैसला
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम सरकार को नागांव निवासी मुमताज बेगम के पति को 2 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश दिया है. मुमताज बेगम को फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल ने गैर-नागरिक घोषित किया था, जिसके बाद उनके परिवार को निर्वासन की जानकारी दिए बिना उन्हें बांग्लादेश भेज दिया गया था.
जस्टिस कल्याण राय सुराणा और जस्टिस सुस्मिता फूकन खौंद की खंडपीठ ने 3 सितंबर के अपने आदेश में विदेश मंत्रालय (MEA) को भी मामले में प्रतिवादी बनाया. यह आदेश महिला के पति मुजम्मेल हक की उस याचिका पर आया, जिसमें उन्होंने मुमताज बेगम की भारत वापसी की प्रक्रिया में मदद की मांग की थी. पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि संविधान का अनुच्छेद 21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा की गारंटी केवल नागरिकों को ही नहीं, बल्कि गैर-नागरिकों को भी देता है.