पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर शुक्रवार आधी रात को हंगामा हुआ. BJP और TMC समर्थकों के बीच टकराव की खबर है. TMC ने आरोप लगाया कि BJP समर्थकों ने अभिषेक बनर्जी के घर पर पत्थरबाजी की.
घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को रोकने की कोशिश की. इस दौरान अभिषेक बनर्जी और पुलिस के बीच भी तीखी बहस हुई. इसके बाद सांसद कुछ देर के लिए अपने आवास के बाहर धरने पर बैठ गए.
अभिषेक ने लगाया फायरिंग और पत्थरबाजी का आरोप
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दावा किया कि सुबह करीब 2 बजे उनके घर पर हमला किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि BJP के लोगों ने उनके आवास को निशाना बनाया और यह सब कोलकाता पुलिस की मौजूदगी में हुआ. उन्होंने पत्थरबाजी के साथ फायरिंग का भी आरोप लगाया है.
अभिषेक ने अपनी पोस्ट में कलकत्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि दोनों अदालतें इस मामले में मूक दर्शक बनी हुई हैं. साथ ही उन्होंने घटना से जुड़े वीडियो जल्द साझा करने की बात कही.
एक दिन पहले घर और दफ्तर की रेकी का लगाया था आरोप
इस घटना से एक दिन पहले भी अभिषेक बनर्जी ने अपने घर और दफ्तर के आसपास संदिग्ध लोगों की गतिविधियों को लेकर सवाल उठाए थे. उन्होंने 6 नवंबर को X पर पोस्ट कर दावा किया था कि पिछले दो दिनों से कुछ अज्ञात लोग बाइक पर सवार होकर उनके घर और दफ्तर की रेकी कर रहे थे. अभिषेक का दावा है कि, जब इन लोगों से पूछताछ की गई तो उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया.
अभिषेक ने मोटरसाइकिल का रजिस्ट्रेशन नंबर भी शेयर किया था. उन्होंने सवाल उठाया था कि राज्य पुलिस एक चुने हुए सांसद के घर और दफ्तर की निगरानी क्यों कर रही है. उन्होंने पूछा था कि इस गतिविधि की परमिशन किसने दी और इसके पीछे क्या मकसद था.
लोकसभा स्पीकर और गृह मंत्रालय से जांच की मांग
TMC सांसद ने इस मामले में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, केंद्रीय गृह मंत्रालय, कोलकाता पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस का ध्यान खींचा था. उन्होंने मांग की थी कि संदिग्ध लोगों की पहचान की जाए. साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि उन्हें किसने भेजा था और वे किसके निर्देश पर काम कर रहे थे.
लगातार दो दिनों में सामने आए इन घटनाक्रमों ने पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच राजनीतिक तनाव को फिर चर्चा में ला दिया है. हालांकि, अभिषेक बनर्जी की ओर से लगाए गए हमले और फायरिंग के आरोपों की पुलिस की ओर से पुष्टि नहीं हुई.