भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया. शुक्रवार (6 नवंबर) को सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए 36 वर्षीय शमी ने अपने फैसले की जानकारी दी. शमी ने चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के बाद से भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व नहीं किया है. चोटों के कारण उनका करियर भी कई बार प्रभावित हुआ. हालांकि, सीमित ओवरों के क्रिकेट में उन्होंने वापसी की और अब टेस्ट फॉर्मेट से विदाई लेने का फैसला किया है.
मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि वह वनडे और टी20 क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे. शमी का पूरा ध्यान अब व्हाइट बॉल क्रिकेट पर रहेगा और वो टीम इंडिया में दोबारा जगह बनाने का पूरा प्रयास करेंगे. शमी ने अपने X अकाउंट पर शेयर किए गए वीडियो में कहा कि वो इंडियन प्रीमियर लीग और घरेलू क्रिकेट भी खेलते रहेंगे. शमी ने यहां तक कहा कि यदि फिटनेस हासिल करने के लिए घरेलू रेड बॉल क्रिकेट भी खेल सकते हैं.
मोहम्मद शमी ने 6 नवंबर 2013 को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था. 64 मुकाबलों में उन्होंने 27.71 की औसत से 229 विकेट अपने नाम किए. उनके खाते में छह बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा भी दर्ज है. नई गेंद से स्विंग और पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग हासिल करने की उनकी क्षमता ने उन्हें भारतीय पेस अटैक का अहम हिस्सा बनाया. साउछ अफ्रीका, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज में खेले गए 35 टेस्ट में उन्होंने 131 विकेट लिए. इन देशों में उनका औसत 25 से कम रहा.
साउथ अफ्रीका में काटा गदर
साउथ अफ्रीकी धरती पर मोहम्मद शमी के प्रदर्शन खास तौर पर यादगार रहे. 2018 के जोहानिसबर्ग टेस्ट की दूसरी पारी में उन्होंने 28 रन देकर पांच विकेट चटकाए और भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. इसके बाद अगले साउथ अफ्रीका दौरे पर सेंचुरियन में खेले गए पहले टेस्ट में उन्होंने आठ विकेट हासिल किए.
अपने संन्यास की जानकारी देते हुए मोहम्मद शमी ने लिखा, 'मैं सफेद जर्सी से विदा रहा हूं, लेकिन इससे जुड़ी यादों से कभी नहीं. जब पहली बार भारत की टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब मेरा एक ही सपना था कि अपने देश के लिए कुछ कर दिखाने का. इसके बाद हर विकेट, हर संघर्ष, हर चोट और हर वापसी ने मुझे कुछ ना कुछ सिखाया.'
मोहम्मद शमी का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट उनके लिए महज एक फॉर्मेट नहीं, बल्कि जिंदगी का बेहद खास हिस्सा रहा है. शमी ने लिखा कि वो भारी मन और अनगिनत खूबसूरत यादों के साथ वह इस सफर को विराम दे रहे हैं.