आजकल ऑनलाइन शॉपिंग का चलन काफी बढ़ गया है. कई बार लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे ऐसी चीजें खरीद लेते हैं, जिनकी उन्हें असल में जरूरत भी नहीं होती. मोबाइल पर कोई सामान पसंद आया और तुरंत ऑर्डर कर दिया. बाद में जब पैसे खर्च होने का एहसास होता है, तब पछतावा होता है. इसी आदत को रोकने के लिए चीन में एक अनोखा ऐप चर्चा में है. इस ऐप की खास बात यह है कि इसमें आपको अपनी पसंद का सामान खरीदने से पहले अनजान लोगों की राय लेनी पड़ती है. यानी अब आप अकेले यह फैसला नहीं करेंगे कि आपको कोई चीज खरीदनी चाहिए या नहीं, बल्कि दूसरे लोग भी इस पर वोट करेंगे.
इस ऐप का नाम वॉलेट प्लीज वेट (Wallet, Please Wait) है. इसका मकसद लोगों को बिना सोचे-समझे खरीदारी करने से रोकना और पैसे बचाने में मदद करना है. खास बात यह है कि यह ऐप मुफ्त है और वीचैट के मिनी प्रोग्राम के तौर पर काम करता है.
कैसे काम करता है यह ऐप?
इस ऐप पर अगर किसी यूजर को कोई सामान खरीदना है, तो उसे सबसे पहले उस सामान की पूरी जानकारी देनी होती है. इसके लिए कुछ जरूरी बातें भरनी पड़ती हैं.
सामान का नाम: यूजर को बताना होता है कि वह क्या खरीदना चाहता है.
कीमत: उस सामान की कीमत कितनी है.
खरीदने की वजह: उसे उस चीज की जरूरत क्यों है और वह इसे क्यों खरीदना चाहता है.
दूसरे विकल्प: क्या उसी सामान का कोई सस्ता विकल्प बाजार में मौजूद है?
इसके बाद यूजर अपनी खरीदारी की मंजूरी के लिए आवेदन भेज सकता है. इस आवेदन को दोस्त या परिवार के लोगों के अलावा अनजान लोगों के सामने भी रखा जा सकता है. दूसरे यूजर इस पर वोट करते हैं कि सामान खरीदना सही रहेगा या नहीं. वे अपनी राय और सुझाव भी दे सकते हैं.
20 रुपये की चाय खरीदने पर भी लेनी पड़ सकती है राय
इस तरह के ऐप का इस्तेमाल कितना दिलचस्प हो सकता है, इसका एक उदाहरण भी सामने आया है. चीन में एक पत्रकार ने 20 युआन यानी करीब 20 रुपये की मिल्क टी खरीदने के लिए लोगों से मंजूरी मांगी. इस पर 7 लोगों को वोट करना था. कुछ ही देर में 5 लोगों ने इस खरीदारी को मंजूरी देने से इनकार कर दिया. लोगों का कहना था कि 20 युआन की मिल्क टी थोड़ी महंगी है और इसकी जगह कोई सस्ता विकल्प लिया जा सकता है. इसके बाद उसी कीमत की एक डायरी खरीदने के लिए भी लोगों की राय मांगी गई. इस बार 7 में से 6 लोगों ने खरीदारी के पक्ष में वोट किया. यानी सामान की कीमत एक जैसी होने के बावजूद लोगों ने उसकी जरूरत और उपयोगिता के हिसाब से अलग-अलग राय दी.
चीन में क्यों लोकप्रिय हो रहा है यह ऐप?
इस ऐप की लोकप्रियता के पीछे एक बड़ी वजह ऑनलाइन शॉपिंग और बिना सोचे-समझे पैसे खर्च करने की आदत है. खासकर सेल और डिस्काउंट के दौरान लोग कई बार ऐसे सामान भी खरीद लेते हैं, जिनकी उन्हें जरूरत नहीं होती. चीन में 11 नवंबर को डबल 11 यानी सिंगल्स डे शॉपिंग फेस्टिवल मनाया जाता है. इस दौरान ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म बड़ी-बड़ी छूट और ऑफर देते हैं. ऐसे में ग्राहकों के सामने कम कीमत में सामान खरीदने के कई मौके आते हैं. कई लोग ऑफर खत्म होने के डर से जल्दबाजी में सामान ऑर्डर कर देते हैं.
ऐसे समय में यह ऐप लोगों को खरीदारी से पहले रुककर सोचने का मौका देता है. वे अपनी खरीदारी के बारे में दूसरों की राय जान सकते हैं और यह समझ सकते हैं कि जिस सामान को खरीदने का मन बना रहे हैं, उसकी उन्हें सच में जरूरत है या नहीं.
क्या दूसरों की राय लेने से कम हो सकती है फिजूलखर्ची?
इस तरह के ऐप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि खरीदारी करने से पहले व्यक्ति को अपनी जरूरत के बारे में सोचना पड़ता है. जब कोई यूजर यह लिखता है कि उसे कोई सामान क्यों खरीदना है, तो उसे खुद भी अपनी जरूरत समझने का मौका मिलता है. उदाहरण के लिए, अगर किसी को नया मोबाइल खरीदना है, जबकि उसका पुराना मोबाइल ठीक से काम कर रहा है, तो दूसरे लोग उसे कुछ समय इंतजार करने की सलाह दे सकते हैं. वहीं, अगर किसी को काम के लिए लैपटॉप की जरूरत है, तो लोग उसे खरीदने की सलाह भी दे सकते हैं.
इस तरह अलग-अलग लोगों की राय से खरीदारी का फैसला लेना थोड़ा आसान हो सकता है. हालांकि, हर व्यक्ति की जरूरत और आर्थिक स्थिति अलग होती है. इसलिए किसी दूसरे की राय को अंतिम फैसला नहीं मानना चाहिए.
दूसरों की मंजूरी पर निर्भर रहना भी ठीक नहीं
इस ऐप को लेकर कुछ लोगों ने चिंता भी जताई है. उनका मानना है कि अगर कोई व्यक्ति हर छोटी-बड़ी खरीदारी के लिए अनजान लोगों की मंजूरी लेने लगेगा, तो धीरे-धीरे उसका खुद पर भरोसा कम हो सकता है. इसलिए इस तरह के ऐप को खरीदारी का फैसला करने वाले किसी अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि सलाह देने वाले एक माध्यम की तरह इस्तेमाल करना चाहिए.
आखिर में यह फैसला व्यक्ति को खुद ही करना होगा कि उसकी जरूरत क्या है और वह अपनी कमाई का कितना पैसा खर्च कर सकता है. कुल मिलाकर, यह ऐप एक दिलचस्प तरीका है, जो लोगों को खरीदारी से पहले थोड़ा रुकने और सोचने के लिए प्रेरित करता है. जरूरी नहीं कि हर पसंद की चीज खरीदना गलत हो, लेकिन बिना जरूरत के सिर्फ ऑफर देखकर पैसे खर्च करने से बचना जरूर समझदारी है.