प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सीवर लाइन को जाम कर शहर की गलियों में गंदा पानी भराने की कथित साजिश का मामला सामने आया है. शिवाला, नगवा और सरायनंदन समेत करीब आधा दर्जन वार्डों की सीवर लाइनों के अंदर बालू से भरी बोरियां, पत्थर और लकड़ी का बुरादा मिलने से नगर निगम में हड़कंप मच गया. मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है. यह एफआईआर सीसीटीवी चेक करने के बाद दर्ज कराई गई है.
दरअसल सीवर चोक होने की शिकायतों के बाद नगर निगम की टीम ने जब अलग-अलग इलाकों में सीवर लाइनों की सफाई शुरू की तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए. सीवर लाइन में सामान्य कचरे के बजाय बड़ी मात्रा में बालू, पत्थर और लकड़ी का बुरादा मिला. शिवाला इलाके में सफाई के दौरान करीब 12 बोरी बालू सीवर लाइन से निकाली गई.
CCTV से खुलेगा राज
नगर निगम को आशंका है कि किसी ने जानबूझकर मुख्य सीवर लाइन में मलबा डाला, ताकि सीवर जाम हो जाए और गलियों में गंदा पानी ओवरफ्लो होने लगे. इससे न सिर्फ लोगों को परेशानी होती, बल्कि काशी की सफाई व्यवस्था और शहर की छवि पर भी असर पड़ता.
मामले की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी नगर निगम ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है. अब पुलिस और नगर निगम की टीमें इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं. अधिकारियों को उम्मीद है कि कैमरों की रिकॉर्डिंग से सीवर में मलबा डालने वाले लोगों की पहचान हो सकती है.
क्या पीएम मोदी की छवि खराब करने के लिए डाला गया मलबा?
महापौर और नगर आयुक्त ने भी मौके पर पहुंचकर सीवर लाइन और सफाई व्यवस्था का जायजा लिया. प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि इतनी बड़ी मात्रा में बालू की बोरियां और अन्य मलबा सीवर के अंदर किसने डाला और इसके पीछे क्या मकसद था.
नगर निगम इस मामले को काशी की छवि खराब करने की कथित कोशिश के एंगल से भी जांच रहा है. फिलहाल CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है.