Vastu For vegetables: घर में किचन गार्डन बनाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है. बालकनी, छत, आंगन या खिड़की के पास लोग टमाटर, मिर्च, धनिया, पुदीना समेत कई सब्जियों और हर्ब्स के पौधे उगाते हैं. इससे घर में हरियाली बनी रहती है और जरूरत के समय ताजी सब्जियां भी मिल जाती हैं. हालांकि वास्तु शास्त्र में पौधों को लेकर कुछ खास मान्यताएं बताई गई हैं. माना जाता है कि घर में पौधे लगाते समय उनकी प्रकृति, दिशा और जगह का ध्यान रखना चाहिए.
इन सब्जियों के पौधे घर में लगाने से बचें
वास्तु मान्यताओं के अनुसार कुछ सब्जियों के पौधों को घर के अंदर लगाने से बचने की सलाह दी जाती है. इनमें प्याज, लहसुन, अरबी और बैंगन जैसे पौधों का नाम लिया जाता है. ये मान्यताएं धार्मिक और वास्तु परंपराओं पर आधारित हैं.
प्याज-लहसुन का पौधा
वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में प्याज और लहसुन को तामसिक प्रकृति का माना जाता है. इसलिए इन्हें घर के अंदर या पूजा स्थल के आसपास लगाने से बचने की सलाह दी जाती है. अगर इन्हें उगाना हो तो घर के मुख्य रहने वाले हिस्से से अलग स्थान पर किचन गार्डन बनाया जा सकता है.
अरबी का पौधा
अरबी के पौधे को लेकर भी वास्तु में कुछ नकारात्मक धारणाएं मिलती हैं. कुछ मान्यताओं में इसे राहु-केतु से जोड़कर देखा जाता है. माना जाता है कि इसे घर के अंदर लगाने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है. हालांकि इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है.
बैंगन का पौधा
वास्तु मान्यताओं के अनुसार बैंगन का पौधा भी घर के अंदर लगाने से बचने की सलाह दी जाती है. कुछ मान्यताओं में इसे आर्थिक परेशानियों से जोड़कर देखा जाता है. अगर कोई व्यक्ति बैंगन उगाना चाहता है तो इसे घर के खुले हिस्से या अलग किचन गार्डन में लगाया जा सकता है.
लौकी और कद्दू की बेल कहां लगाएं?
लौकी और कद्दू की बेल तेजी से फैलती हैं और इन्हें बढ़ने के लिए काफी जगह की जरूरत होती है. इसलिए इन्हें कमरे, बालकनी के संकरे हिस्से या मुख्य दरवाजे के आसपास लगाने से बचना बेहतर है.
वास्तु की मान्यताओं के अनुसार बेल को घर के प्रवेश द्वार को पूरी तरह ढकने नहीं देना चाहिए. व्यावहारिक रूप से भी बेल को ऐसी जगह लगाना बेहतर होता है जहां उसे सहारा देने के लिए जाली या मजबूत ढांचा बनाया जा सके.
घर में कौन सी सब्जियां उगाना शुभ माना जाता है?
वास्तु मान्यताओं के अनुसार कुछ हरी और उपयोगी चीजों को घर में उगाना अच्छा माना जाता है. इनमें धनिया, पुदीना, हरी मिर्च और टमाटर प्रमुख हैं. इन पौधों को बालकनी, छत या ऐसी जगह लगाया जा सकता है जहां पर्याप्त धूप आती हो.
खासकर धनिया और पुदीना छोटे गमलों में आसानी से उगाए जा सकते हैं. टमाटर और हरी मिर्च के लिए थोड़े बड़े गमले का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है.
किचन गार्डन के लिए कौन सी दिशा अच्छी मानी जाती है?
वास्तु में पौधों के लिए पूर्व और उत्तर दिशा को सामान्य तौर पर अनुकूल माना जाता है. इन दिशाओं में पौधे लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आने की मान्यता है. वहीं बहुत बड़े और घने पौधों को घर के बिल्कुल बीच या रास्ते में रखने से बचने की सलाह दी जाती है.
हालांकि किचन गार्डन बनाते समय सिर्फ दिशा ही नहीं, बल्कि पौधों की जरूरतों का भी ध्यान रखना जरूरी है. ज्यादातर सब्जियों को रोजाना कई घंटे धूप की आवश्यकता होती है. इसलिए ऐसी जगह चुनें जहां पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी मिल सके.
मुख्य दरवाजे के पास पौधे लगाते समय रखें ध्यान
घर का मुख्य द्वार आने-जाने का प्रमुख स्थान होता है. इसलिए यहां ऐसे पौधे न लगाएं जिनकी बेल या शाखाएं रास्ता रोकें. सूखे, मुरझाए या खराब पौधों को भी लंबे समय तक घर में रखने से बचना चाहिए.
वास्तु मान्यताओं में स्वस्थ और हरे-भरे पौधों को सकारात्मकता से जोड़ा जाता है. व्यावहारिक तौर पर भी नियमित रूप से पौधों की सफाई और छंटाई करने से किचन गार्डन बेहतर बना रहता है.