उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी UPTET एग्जाम के दौरान बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. प्रदेश भर में 15 सॉल्वर दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देते हुए पकड़े गए, जिन्हें कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस के हवाले कर दिया गया. यूपी टीईटी की परीक्षा में आज यानी 2 जुलाई को कई जिलों में फर्जी अभ्यर्थी पकड़े गए हैं, जो दूसरों की जगह पर परीक्षा दे रहे थे. इसमें प्रथम पाली में 7 और दूसरी पाली में आठ लोग फर्जी तरीके से बैठकर परीक्षा दे रहे थे.
फिलहाल, पकड़े गए सभी 15 फर्जी अभ्यर्थियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है. आज में प्रदेश के दोनों पाली को मिलाकर कुल 955 केन्द्रों पर परीक्षा आयोजित की गई थी.
एग्जाम के दौरान आयोग में स्थापित एआई इंटेग्राटेड कंट्रोल कमांड रूम से आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशान्त कुमार, सदस्यगण, सचिव, परीक्षा नियंत्रक और उपसचिव की उपस्थिति में सभी परीक्षा केन्द्रों की निगरानी की गई. परीक्षा केन्द्रों पर लगे एआई कैमरों के जरिए एग्जाम दे रहे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी गई.
कितने प्रतिशत अभ्यर्थी सेंटर पहुंचे?
पहली पाली में एआई की मदद से संदिग्धों की जांच के बाद प्रदेश के कई जिलों में प्रथम पाली में 7 और दूसरी पाली में 8 फर्जी परीक्षार्थी एग्जाम देते हुए पकड़े गए. इन आरोपियों को कार्यवाही के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है.
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा अच्छी तरह से पारदर्शी और नकलविहीन वातावरण में खत्म हुई. परीक्षा के सफल संचालन में संबंधित जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का सक्रिय सहयोग मिला.
2 जुलाई को हुए एग्जाम में दोनों पालियों में कुल 807636 परीक्षार्थी रजिस्टर्ड थे. इनमें से कुल 684614 यानी 84.76% अभ्यर्थियों ने एग्जाम में हिस्सा लिया. एग्जाम में महिला परीक्षार्थियों का उपस्थिति प्रतिशत 84.69 और पुरूष परीक्षार्थियों का उपस्थिति प्रतिशत 84.86 रहा.