यूपी में मानसून की रफ्तार अभी थमने वाली नहीं है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार शुक्रवार 31 जुलाई को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों का सिलसिला जारी रहेगा. हालांकि आज मौसम विभाग ने किसी भी जिले के लिए येलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी नहीं की है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बारिश पूरी तरह थम जाएगी. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कहीं-कहीं इलाकों में बारिश की संभावना बनी हुई है.
मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के चलते स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. ऐसे में लोगों को मौसम में अचानक बदलाव के लिए तैयार रहने की जरूरत है. खासकर सुबह और शाम के समय बादल छाने तथा कुछ इलाकों में तेज बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी. आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. पिछले तीन दिनों से जिन जिलों में लगातार सक्रिय मानसूनी गतिविधियां बनी हुई हैं, उनमें सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ और बिजनौर प्रमुख हैं. इन जिलों में स्थानीय स्तर पर बादल तेजी से विकसित होने के कारण कुछ इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज हो सकती है. इसके अलावा अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज बदलता रह सकता है. कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश होने की संभावना है.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी जारी रहेगा बारिश का सिलसिला
पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना जताई है. लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी, रायबरेली, उन्नाव, कानपुर नगर, कानपुर देहात, फतेहपुर, प्रयागराज, कौशांबी, चित्रकूट, बांदा, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी सहित कई जिलों में मौसम बदल सकता है. हालांकि हर जिले में पूरे दिन बारिश होना जरूरी नहीं है, लेकिन कई स्थानों पर तेज बौछारें देखने को मिल सकती हैं.
आज कोई अलर्ट नहीं
31 जुलाई के लिए मौसम विभाग ने राहत भरी बात यह कही है कि पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश, दोनों ही हिस्सों के लिए कोई रंग आधारित चेतावनी जारी नहीं की गई है. यानी फिलहाल भारी बारिश, अत्यधिक भारी बारिश या व्यापक स्तर के खतरे को लेकर कोई येलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट प्रभावी नहीं है. इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर बारिश और गरज-चमक की घटनाएं हो सकती हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटे के दौरान बिजनौर में 80 मिमी, सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में 79 मिमी, सहारनपुर शहर में 74 मिमी, धामपुर (बिजनौर) में 70 मिमी तथा निघासन (खीरी) में 65.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई. इससे साफ है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून अभी भी सक्रिय बना हुआ है.
प्रदेश में अब भी सामान्य से कम बारिश
आईएमडी के अनुसार 28 जुलाई तक पूरे उत्तर प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान सामान्य से लगभग 25 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह कमी 32 प्रतिशत जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 प्रतिशत रही. यानी हाल की बारिश के बावजूद प्रदेश में मानसूनी बारिश का कुल आंकड़ा अभी सामान्य से नीचे बना हुआ है.
किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
बारिश के दौर को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों को खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी है. गन्ना, धान, मक्का, अरहर, मूंगफली, उड़द, मूंग, तिल तथा सब्जी की फसलों में जलभराव से नुकसान हो सकता है. इसलिए खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने, लगातार बारिश के दौरान उर्वरकों के प्रयोग से बचने तथा रोग और कीटों की निगरानी करने की सलाह दी गई है. हालांकि आज किसी प्रकार का बड़ा मौसम अलर्ट नहीं है, फिर भी बारिश के दौरान सावधानी बरतना जरूरी है. मौसम विभाग ने लोगों को जलभराव वाले इलाकों से बचने, फिसलन भरी सड़कों पर वाहन सावधानी से चलाने, नालों और मौसमी जलधाराओं से दूर रहने तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है. यदि गरज-चमक शुरू हो जाए तो खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े होने के बजाय सुरक्षित भवन के अंदर रहने की सलाह दी गई है.
अगले कुछ दिनों में कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार 1 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक स्थानों तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर फिर से बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. यानी मानसून अभी प्रदेश से विदा होने के मूड में नहीं है और आने वाले दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है.