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₹5 लाख का इनामी अरमान अब सरकारी वकील के साथ लड़ेगा केस, उमेश पाल हत्याकांड में नया अपडेट

उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी मोहम्मद अरमान उर्फ अरमान बिहारी को प्रयागराज की अदालत में सरकारी वकील मिल गया है. निजी वकील नहीं होने पर अरमान ने निशुल्क कानूनी सहायता मांगी थी. इसके बाद चीफ डिफेंस काउंसिल विकास गुप्ता को उसका अधिवक्ता बनाया गया है. अरमान उमेश पाल और दो सरकारी सुरक्षाकर्मियों की हत्या के मामले में आरोपी है.

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उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी अरमान. (Photo: ITG)
उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी अरमान. (Photo: ITG)

उत्तर प्रदेश के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी मोहम्मद अरमान उर्फ अरमान बिहारी को अब अदालत में सरकारी वकील की मदद मिलेगी. प्रयागराज जिला न्यायालय में पेशी के दौरान निजी वकील नहीं होने पर अरमान ने अदालत से निशुल्क कानूनी सहायता देने की गुहार लगाई थी. इसके बाद अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र लिखकर उसके लिए सरकारी अधिवक्ता उपलब्ध कराने की पहल की. अब चीफ डिफेंस काउंसिल विकास गुप्ता को अरमान का वकील बनाया गया है.

वह अदालत में अरमान का पक्ष रखेंगे. विकास गुप्ता उन आरोपियों और कैदियों को निशुल्क कानूनी सहायता देने के लिए भी जाने जाते हैं, जिन्हें वकील की फीस देने में परेशानी होती है. उनके बारे में बताया गया है कि वह अब तक सैकड़ों गरीब कैदियों को निःशुल्क कानूनी मदद दिला चुके हैं. विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश कुमार मयंक ने अरमान को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र लिखा था. इसके बाद उसे सरकारी अधिवक्ता उपलब्ध कराया गया. अब उमेश पाल हत्याकांड और गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मुकदमों में उसकी ओर से विकास गुप्ता पैरवी करेंगे.

तीन साल से ज्यादा समय तक तलाशती रही पुलिस

अरमान उमेश पाल और उनके दो सरकारी सुरक्षाकर्मियों की हत्या के मामले में आरोपी है. यह वारदात 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में हुई थी. घटना के बाद अरमान फरार हो गया था. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए तलाश की और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था. तीन साल से अधिक समय तक तलाश के बाद पुलिस को पता चला कि अरमान बिहार की गया केंद्रीय जेल में बंद है. इसके बाद उसे प्रयागराज लाने की प्रक्रिया शुरू हुई. 5 अक्टूबर 2026 को उसे प्रयागराज की विशेष अदालत में पेश किया गया था. अदालत में पेशी के दौरान ही निजी वकील नहीं होने की बात सामने आई. अरमान ने अदालत से निशुल्क कानूनी सहायता मांगी, जिसके बाद सरकारी वकील नियुक्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी.

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पुलिस के मुताबिक, 24 फरवरी 2023 को उमेश पाल पर हमले के दौरान अरमान हेलमेट पहने बाइक पर सवार होकर आया था. उसके साथ गुड्डू मुस्लिम भी बाइक पर था. पुलिस के अनुसार, वारदात से जुड़े सीसीटीवी फुटेज में अरमान को गोली चलाते हुए देखा गया था. उमेश पाल और उनके दोनों सरकारी गनर पर हमला करने वाले शूटरों में उसकी भूमिका अहम मानी जाती है. हत्या के बाद अरमान प्रयागराज से फरार हो गया था. इस मामले में उसका नाम उन आरोपियों में शामिल रहा, जिनकी पुलिस तलाश कर रही थी.

पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. हालांकि, अरमान के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर होगा. सरकारी वकील की नियुक्ति से अब उसे मुकदमे की सुनवाई के दौरान कानूनी प्रतिनिधित्व मिलेगा.  अरमान के खिलाफ बिहार के अलग-अलग जिलों में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है. एक अंडा विक्रेता पर गोली चलाने के मामले में भी वह वांछित बताया गया था. इसी मामले के सिलसिले में उसने बिहार के सहरसा में सरेंडर किया था, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया. बाद में पुलिस को उसके गया केंद्रीय जेल में बंद होने की जानकारी मिली.

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इसके बाद प्रयागराज पुलिस ने उसे ट्रांजिट और रिमांड की प्रक्रिया के तहत प्रयागराज की अदालत में पेश किया. उमेश पाल हत्याकांड के अलावा अरमान को गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में भी प्रयागराज की अदालत में पेश होना है. विशेष गैंगस्टर अदालत ने 9 अक्टूबर को उसे 22 अक्टूबर को गया जेल से तलब करने के लिए उपस्थिति वारंट जारी करने का निर्देश दिया था. इस मामले में गुड्डू मुस्लिम और साबिर भी आरोपी हैं.अतीक अहमद के परिवार की

अरमान के अतीक अहमद के परिवार से संपर्क को

सुरक्षा में रहने का दावालेकर भी जानकारी सामने आई है. बताया जाता है कि वह अतीक अहमद के लिए काम करने वाले मल्ली के साथ रहा करता था. किसी के माध्यम से उसकी मुलाकात अतीक अहमद के परिवार से हुई थी. जानकारी के मुताबिक, जब अतीक अहमद जेल में था और शाइस्ता परवीन चुनाव प्रचार करती थीं, तब अरमान उनकी सुरक्षा में मौजूद रहता था. यह भी बताया जाता है कि अरमान प्रयागराज में सिनेमा हॉल के सामने बनी अतीक अहमद की बहुमंजिला इमारत में रहता था. वहां उसकी बिरयानी की दुकान भी होने की बात कही गई है. उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस ने इस इमारत को सील करने की कार्रवाई की थी. अरमान का नाम भी इस हत्याकांड के फरार आरोपियों में शामिल था.

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सरकारी वकील विकास गुप्ता की नियुक्ति के बाद अब अरमान से जुड़े दोनों मामलों में आगामी न्यायिक कार्यवाही पर नजर रहेगी. उमेश पाल हत्याकांड में उस पर लगे आरोपों की सुनवाई अदालत में होगी. वहीं गैंगस्टर एक्ट के मामले में भी उसे पेश होना है. निजी वकील नहीं होने पर अरमान की ओर से निशुल्क कानूनी सहायता मांगे जाने के बाद सरकारी अधिवक्ता नियुक्त किया गया है. यह नियुक्ति उसे अदालत में अपना पक्ष रखने का अवसर देगी. दोनों मामलों में आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगा.
 

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