Uttar Pradesh News: सुल्तानपुर जिले में भाजपा जिला कोषाध्यक्ष पूजा कसौधन और उनके बेटे रौनक कसौधन की दबंगई चर्चा में है. आरोप है कि उन्होंने बुधवार रात एक व्यापारिक प्रतिष्ठान के कर्मचारी अरुण कुमार कोरी को रोककर उन्होंने जातिसूचक गालियां दीं और उनके साथ मारपीट की. पीड़ित अपनी जान बचाने के लिए भागकर पास की शाहगंज पुलिस चौकी परिसर में घुस गया. जिसके बाद आरोपियों ने चौकी के भीतर दारोगा अविनाश चन्द्र की मौजूदगी में कानून की धज्जियां उड़ाते हुए पीड़ित को दोबारा थप्पड़ मारा और मोबाइल छीनकर जांच की. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद एसपी के निर्देश पर कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया है.
चौराहे पर रोककर दीं जातिसूचक गालियां
पीड़ित अरुण कुमार कोरी कोतवाली नगर के पल्टू का पुरवा के निवासी हैं और मुरारी दास गली स्थित 'सहारा ट्रेडिंग कंपनी' के मालिक हर्षित बरनवाल के यहां काम करते हैं. बीते 8 जुलाई को जब अरुण व्यावसायिक काम से बाहर निकले थे, तभी बाइक सवार भाजपा नेत्री और उनके बेटे ने उन्हें शाहगंज चौराहे के पास रोक लिया. आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि तुम्हारी जाति वालों का दिमाग खराब हो गया है और नौकरी छोड़ने का दबाव बनाते हुए मारपीट शुरू कर दी.
पुलिस चौकी के अंदर भी नहीं रुकी गुंडागर्दी
जान बचाने के लिए पीड़ित भागकर शाहगंज पुलिस चौकी परिसर में जा घुसा, लेकिन सत्ता के रसूख में अंधी भाजपा नेत्री वहां भी पहुंच गईं. चौकी प्रभारी अविनाश चन्द्र के सामने ही पूजा कसौधन ने पीड़ित को दोबारा थप्पड़ जड़ दिया और उसका मोबाइल छीनकर चेक करने लगीं. उन्होंने युवक को धमकाते हुए कहा कि "समय रहते सुधर जाओ, नहीं तो शासन-प्रशासन मेरा है. तुम मारे जाओगे और कोई पूछने वाला भी नहीं मिलेगा, तुम्हारा दिमाग सही कर देंगे."
दारोगा पर गिरी गाज और मामला दर्ज
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया. वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिस अभिरक्षा में होने के बावजूद युवक को सरेआम पीटा जा रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर कार्रवाई शुरू की गई है. सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि चौकी इंचार्ज के वहां उपस्थित रहने के बावजूद हुई इस घटना को लेकर दरोगा के विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं.
पुरानी रंजिश के चलते हुई मारपीट
सीओ सिटी राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में महिला और आवेदक के बीच पुराने ज़मीनी विवाद को लेकर मारपीट किए जाने की बात सामने आई है. वीडियो का तत्काल संज्ञान लेते हुए आवेदक की तहरीर पर समुचित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है. दूसरी तरफ, वायरल वीडियो में भाजपा नेत्री युवक पर उनका पीछा करने का आरोप लगाते हुए भी दिखाई दे रही हैं. पुलिस फिलहाल पूरे मामले की विधिक जांच में जुटी है.