scorecardresearch
 

संभल में 101 करोड़ की सरकारी जमीन का महाघोटाला: शाहजहांपुर के सहायक नगर आयुक्त गिरफ्तार, 60 साल बाद खुला राज

संभल में 101 करोड़ रुपये की 38 बीघा सरकारी जमीन के घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने शाहजहांपुर में तैनात सहायक नगर आयुक्त राजकुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने संभल में ईओ पद पर रहते हुए भू-माफियाओं का साथ दिया था.

Advertisement
X
सहायक नगर आयुक्त राजकुमार गुप्ता गिरफ्तार (Photo- ITG)
सहायक नगर आयुक्त राजकुमार गुप्ता गिरफ्तार (Photo- ITG)

यूपी की संभल पुलिस ने संभल-मुरादाबाद स्टेट हाईवे के किनारे स्थित 101 करोड़ रुपये की 38 बीघा सरकारी जमीन के घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने शाहजहांपुर में तैनात सहायक नगर आयुक्त राजकुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है. राजकुमार गुप्ता ने साल 2013 में संभल नगर पालिका के ईओ पद पर रहते हुए हाईकोर्ट में पैरवी करने से इनकार कर दिया था. इस महाघोटाले का पर्दाफाश डीएम अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण बिश्नोई द्वारा जमीन की पैमाइश कराने के बाद हुआ है. लेखपाल स्पर्श गुप्ता की तहरीर पर तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता सहित 31 नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था. 

1967 से शुरू हुआ जालसाजी का खेल

यह पूरा मामला साल 1967 में शुरू हुआ था जब नगर पालिका ने अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर फर्जी तरीके से तथाकथित पट्टा कर दिया था.  इसके बाद 1991 से 2005 तक अपर तहसीलदार और एडीएम कोर्ट की सुनवाई में इस जमीन को सरकारी माना गया.  खेल तब बदला जब 2008 में तत्कालीन डीडीसी खेम सिंह खड़क ने फर्जी पट्टा धारक भू-माफियाओं के पक्ष में आदेश जारी कर कब्जा दे दिया. 

पैरवी से पीछे हटे तत्कालीन ईओ

डीडीसी के इस गलत आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की गई थी.  आरोप है कि साल 2013 में संभल में तैनात रहे तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता ने भू-माफियाओं और डीडीसी खेम सिंह खड़क से मिलीभगत की.  उन्होंने हाईकोर्ट में नोट प्रेस करके नगर पालिका की तरफ से मामले की पैरवी करने से साफ इनकार कर दिया था. 

Advertisement

खतौनी में फिर दर्ज हुआ सरकार का नाम

प्रशासनिक सख्ती के बाद चार दिन पहले डीडीसी कोर्ट के आदेश पर खतौनी से निजी भू-स्वामियों का नाम हटा दिया गया. अब 60 साल बाद इस 101 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन को दोबारा राज्य सरकार के नाम दर्ज कर लिया गया है. पुलिस अब गिरफ्तार किए गए आरोपी राजकुमार गुप्ता से आगे की पूछताछ कर रही है. 

संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के मुताबिक, 101 करोड़ की सरकारी जमीन के गबन में तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता सहित 31 लोगों पर केस दर्ज है. आरोपी ने निजी लाभ के लिए हाईकोर्ट से याचिका वापस लेकर जमीन दूसरों को बिकवाई थी. वर्तमान में शाहजहांपुर के सहायक नगर आयुक्त राजकुमार गुप्ता पर 2022 में भी 44 लाख के गबन का केस दर्ज हुआ था. संभल में 6 साल के कार्यकाल के अन्य घोटालों की भी जांच जारी है और तत्कालीन चेयरमैन से पूछताछ की गई है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement