उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा संभल में दिए गए बयानों के बाद सियासी पारा चढ़ गया है. संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने प्रेस कांफ्रेंस कर मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला. उन्होंने तुर्कों के इतिहास से लेकर रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी तक के मुद्दे पर बेबाक राय रखी.
संभल में जनसभा के दौरान सीएम योगी द्वारा तुर्क समाज और अवैध कब्जों को लेकर दी गई टिप्पणी पर सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क बुरी तरह भड़क गए. प्रेस कांफ्रेंस में बर्क ने कहा कि मुख्यमंत्री पद पर रहने के बावजूद योगी आदित्यनाथ तुर्कों से भयभीत नजर आते हैं, इसीलिए उन्हें संभल या मुरादाबाद आकर केवल तुर्क ही याद आते हैं. सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री को तुर्कों का इतिहास पता होना चाहिए, जिन्होंने देश की आजादी में अपना खून-पसीना बहाया है. उन्होंने कहा कि देश में लाल किला, ताजमहल और कुतुब मीनार जैसी इमारतें तुर्कों ने बनाई हैं और सरकार चाहे तो भी इनकी पहचान नहीं मिटा सकती.
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मुख्यमंत्री के बयानों का जवाब देते हुए बर्क ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि मुख्यमंत्री किस स्तर की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस प्रकार की बयानबाजी शोभा नहीं देती. उन्होंने अपनी विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि उनके दादा शफीकुर्रहमान बर्क से उन्हें निडर होकर जनता की आवाज उठाने की प्रेरणा मिली है. सांसद ने स्पष्ट किया कि टोपी उनकी पहचान है और किसी में इतनी हिम्मत नहीं कि वह इस टोपी को उतार सके.
सीएम योगी के 100 साल बाद भी कब्र से जिन्न निकालकर जमीन वापस दिलाने वाले बयान पर बर्क ने सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री के पास 100 साल तक जिंदा रहने का सर्टिफिकेट है. सांसद ने कहा कि यह देश किसी नफरत की भाषा या धार्मिक आस्था से नहीं, बल्कि बाबा साहेब के संविधान, महात्मा गांधी की प्रेरणा और एपीजे अब्दुल कलाम जैसी शख्सियतों के विचारों से चलेगा.
रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी के भवनों पर कार्रवाई की बात पर बर्क ने कहा कि यह संस्थान काफी जद्दोजहद के बाद बच्चों के भविष्य के लिए बनाया गया है, जहां सभी धर्मों के बच्चे पढ़ते हैं. उन्होंने कहा कि यदि कोई कमी है तो जुर्माना लगाया जाना चाहिए, लेकिन तोड़ने की बात करना सरासर नाइंसाफी है. वे इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. इसके अलावा उन्होंने एनसीबी (NCB) के रिकॉर्ड का हवाला देकर प्रदेश में बढ़ते अपराध, बेरोजगारी, पेपर लीक और फर्जी एनकाउंटर के मुद्दों पर भी सरकार को घेरा.