scorecardresearch
 

सहारनपुर मस्जिद मामले में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की एंट्री, दिल्ली से पहुंचा डेलिगेशन, पूर्व सांसद से की मुलाकात

सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण का मामला अब नया मोड़ लेता दिख रहा है. इस मुद्दे पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद की एंट्री हो गई है और दिल्ली से एक प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचा है. डेलिगेशन ने पूर्व सांसद हाजी फजलुर रहमान से मुलाकात कर पूरे मामले और आगे की कानूनी लड़ाई पर चर्चा की. अब रिपोर्ट दिल्ली ले जाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी.

Advertisement
X
मस्जिद मामले की जानकारी लेने सहारनपुर पहुंचा प्रतिनिधिमंडल. (Photo: Screengrab)
मस्जिद मामले की जानकारी लेने सहारनपुर पहुंचा प्रतिनिधिमंडल. (Photo: Screengrab)

सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण का मामला अब सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है. मामले में अब जमीयत उलेमा-ए-हिंद भी शामिल है. दिल्ली से जमीयत का एक प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचा. प्रतिनिधिमंडल ने मस्जिद मामले के पैरोकार और समाजवादी पार्टी के नेता व पूर्व सांसद हाजी फजलुर रहमान से उनके आवास पर मुलाकात की.

मुलाकात में सवाल कई थे. मस्जिद ध्वस्त कैसे हुई? अब तक कानूनी लड़ाई कहां तक पहुंची? आगे कौन सा रास्ता अपनाया जाएगा? अहम बात- क्या मामला हाईकोर्ट तक जाएगा? जमीयत उलेमा-ए-हिंद का प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचने के बाद सीधे हाजी फजलुर रहमान से मिला. इस दौरान मस्जिद ध्वस्तीकरण से जुड़े पूरे घटनाक्रम पर चर्चा हुई.

saharanpur mosque demolition jamiat delegation meets haji fazlur rahman high court

प्रतिनिधिमंडल ने सिर्फ पूर्व सांसद से ही नहीं, बल्कि मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता नौशाद अली और दूसरे संबंधित लोगों से भी बातचीत की. हाजी फजलुर रहमान के मुताबिक, जमीयत का प्रतिनिधिमंडल मामले को समझने और जानकारी जुटाने आया था. उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने मस्जिद पक्ष को नैतिक समर्थन देने की बात कही है. साथ ही यह भी कहा गया है कि आगे की लड़ाई कानून के दायरे में रहकर लड़ी जाएगी.

ट्रिब्यूनल से जिला अदालत तक कैसे पहुंचा मामला?

Advertisement

इस मुलाकात के दौरान कानूनी प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा हुई. हाजी फजलुर रहमान के मुताबिक, संबंधित ट्रिब्यूनल में लंबे समय से जज नहीं बैठने की स्थिति के कारण वहां से जल्द राहत मिलने की उम्मीद कम थी. ऐसे में मस्जिद पक्ष ने जिला अदालत का रुख किया. हालांकि, हाजी फजलुर रहमान ने जिला अदालत के फैसले पर भी असहमति जताई. उनका कहना है कि इस फैसले से मस्जिद पक्ष को नुकसान उठाना पड़ा.

saharanpur mosque demolition jamiat delegation meets haji fazlur rahman high court

हरियाणा, हिमाचल और पंजाब से भी पहुंचे लोग

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में सिर्फ दिल्ली के लोग शामिल नहीं हैं. उनके मुताबिक, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और पंजाब से जुड़े जिम्मेदार लोग भी सहारनपुर पहुंचे हैं. प्रतिनिधिमंडल अब स्थानीय लोगों और शहर के जिम्मेदार लोगों से मुलाकात कर रहा है. मकसद है- मामले के हर पहलू को समझना और फिर उसके आधार पर आगे की रणनीति तैयार करना.

यह भी पढ़ें: सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद के नीचे 20 फीट गहराई में क्या मिला, ASI खुद उतरी तो लखौरी ईंटों ने बढ़ाया 200 साल पुराना रहस्य

मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने मस्जिद ध्वस्तीकरण को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने इसे ज्यादती और अन्याय बताया. उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल को जो जानकारी मिल रही है, उसे इकट्ठा कर दिल्ली ले जाया जाएगा. वहां पूरे मामले पर विचार-विमर्श होगा.

Advertisement

हालांकि, जमीयत की ओर से लगाए गए आरोप उनके संगठन का पक्ष हैं. फिलहाल जमीयत का प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर में है और मामले से जुड़े लोगों से बातचीत कर रहा है. इसके बाद प्रतिनिधिमंडल अपनी रिपोर्ट दिल्ली लेकर जाएगा. फिर उस रिपोर्ट पर मशविरा होगा और आगे की रणनीति तय की जाएगी. हाईकोर्ट जाने का विकल्प भी खुला है. जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रतिनिधिमंडल के सहारनपुर पहुंचने के बाद मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले में हलचल बढ़ गई है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement