उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में अस्पताल खोलने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. पुलिस ने इस मामले में मेरठ के एक डॉक्टर और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि दोनों ने एक अन्य साथी के साथ मिलकर अस्पताल में साझेदारी का झांसा दिया, फर्जी दस्तावेज तैयार किए और निवेशक से 39 लाख 15 हजार 829 रुपये ऐंठ लिए. लंबे समय से फरार चल रहे दोनों आरोपियों को अब पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है.
मामला सहारनपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र का है. पुलिस के मुताबिक, यमुनानगर के रहने वाले श्यामलाल ने 22 अगस्त 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में कहा गया कि मेरठ के डॉ. नितिन, उनकी पत्नी अन्नू और सहारनपुर के मागेराम ने मिर्जापुर में अस्पताल खोलने की प्लानिंग की थी. उन्होंने श्यामलाल को अस्पताल में पार्टनर बनाने का प्रपोजल दिया और कहा कि इनवेस्ट करने पर अच्छा रिटर्न मिलेगा.
इसके बाद श्यामलाल से 39 लाख 15 हजार 829 रुपये ले लिए गए. पार्टनरशिप दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए गए. जब अस्पताल शुरू नहीं हुआ तो श्यामलाल ने अपनी रकम वापस मांगी. इस पर आरोपियों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया. इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई.
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मुख्य आरोपी लगातार गिरफ्तारी से बच रहे हैं. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए गए अभियान में 19 जुलाई 2026 को डॉ. नितिन को स्पोर्ट्स कॉलेज जाटोवाला के पास से गिरफ्तार कर लिया गया. अगले ही दिन यानी 20 जुलाई को उसकी पत्नी अन्नू को बादशाही बाग बस स्टैंड के पास से पकड़ लिया गया.
पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और फरार लोगों की तलाश जारी है.
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी डॉ. नितिन के खिलाफ शामली में पहले से भी एक केस दर्ज है. अब पुलिस उसके पुराने मामलों की भी जानकारी जुटा रही है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.