यूपी के रामपुर में मोहम्मद आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर सियासत तेज हो गई है. आज शनिवार को रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे, लेकिन उन्हें परिसर में एंट्री करने से रोक दिया गया. काफी देर तक इंतजार के बावजूद यूनिवर्सिटी का गेट नहीं खोला गया, जिसके बाद उन्होंने बाहर मीडिया से बातचीत की.
सांसद मोहिबुल्लाह नदवी अपने समर्थकों के साथ जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे थे. उन्होंने यूनिवर्सिटी के अंदर जाने के लिए गेट खुलवाने की कोशिश की, लेकिन गेट बंद रहा. इसके बाद वह यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार के बाहर ही खड़े हो गए. उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि इस संस्थान की स्थापना में समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का योगदान रहा है.
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सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा कि यूनिवर्सिटी में बच्चे डिस्टर्ब होंगे, इसलिए हमने खुद फैसला किया कि हम अभी नहीं जाएंगे, क्योंकि हमारे साथ काफी लोग थे. सपा सांसद ने कहा कि यूनिवर्सिटी से जुड़े मुद्दे पर पूरी समाजवादी पार्टी एकजुट है. उनके मुताबिक, पार्टी इस मामले में जौहर यूनिवर्सिटी के साथ मजबूती से खड़ी है और इसे बचाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी. ऐसे संस्थान पूरे समाज के हित के लिए होते हैं. हमें उम्मीद है कि इस पूरे मसले का हल निकलेगा.
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उन्होंने बिना किसी का नाम लिए प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधा. उनका कहना था कि शिक्षा संस्थानों को विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए. सरकार को ऐसे संस्थानों को बचाने और शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में काम करना चाहिए, न कि उन्हें खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए.
दरअसल, हाल ही में रामपुर विकास प्राधिकरण ने जौहर यूनिवर्सिटी की 40 इमारतों में से 38 को निर्माण नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए अवैध घोषित किया है. प्राधिकरण ने इन इमारतों को ध्वस्त करने के आदेश भी जारी किए हैं. इसके बाद से यह मामला सुर्खियों में है. समाजवादी पार्टी इसे राजनीतिक कार्रवाई बता रही है, जबकि प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है. जौहर यूनिवर्सिटी समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है.