उत्तर प्रदेश के रायबरेली में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उस समय हलचल मच गई, जब डीह थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए. टेकारी डांडू गांव के रहने वाले रवि उर्फ कबीर अपने परिवार के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे. उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर में हुई चोरी कबूल कराने के लिए उन्हें थाने के अंदर थर्ड डिग्री दी गई. उनका कहना है कि उन्होंने चोरी नहीं की थी, इसलिए जबरन जुर्म कबूल करने से इनकार किया तो पुलिसकर्मियों ने उनकी पिटाई की. रवि का दावा है कि मारपीट के बाद उनकी हालत इतनी खराब हो गई कि हाथ-पांव ने काम करना बंद कर दिया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गाली-गलौज की. अब उनके पास इलाज कराने तक के पैसे नहीं हैं. वहीं, पुलिस का कहना है कि रवि को चोरी के मामले में शक के आधार पर पूछताछ के लिए बुलाया गया था. मामले की जांच क्षेत्राधिकारी को सौंपी गई है.
रवि उर्फ कबीर के मुताबिक, राजा साहब के यहां मंदिर में चोरी हुई थी. इसी मामले में पुलिस उन्हें पकड़कर थाने ले गई. उनका आरोप है कि वहां उनसे चोरी कबूल करने के लिए दबाव बनाया गया. पुलिसकर्मी उनसे बार-बार कह रहे थे कि वह स्वीकार करें कि चोरी उन्होंने ही की है.
रवि ने कहा कि जब उन्होंने चोरी करने से इनकार किया, तो उनके साथ मारपीट की गई. उनका कहना है कि उन्होंने चोरी नहीं की थी, इसलिए वह झूठा कबूलनामा कैसे कर सकते थे. रवि ने आरोप लगाया कि थाने में सुभाष यादव नाम के पुलिसकर्मी और दो अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की. उन्होंने बताया कि अन्य पुलिसकर्मियों के नाम उन्हें नहीं मालूम हैं.
पट्टे और लाठी से पीटा, रस्सी से बांधकर लटकाने का आरोप
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अपनी बात रखते हुए रवि ने आरोप लगाया कि उन्हें पट्टे और लाठी से पीटा गया. उन्होंने यह भी दावा किया कि रस्सी से बांधकर छत पर ऊपर लटका दिया गया था. उनके मुताबिक, इसी दौरान उनके हाथ में परेशानी शुरू हो गई. रवि ने कहा कि पुलिस की पिटाई के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया. उन्होंने बताया कि वह करीब पांच दिन तक थाने में रहे. उनके मुताबिक, छठे दिन उन्हें वहां से छोड़ा गया. हालांकि, पुलिस की ओर से इस अवधि और मारपीट के आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है.
रवि ने बताया कि वह करीब पांच साल पहले राजा साहब की कोठी में पेंटिंग का काम करते थे. इसके बाद उन्होंने वहां काम करना बंद कर दिया था. उनका कहना है कि अब वह आर्थिक परेशानी से गुजर रहे हैं और पुलिस की कथित मारपीट के बाद उनकी हालत और खराब हो गई है. रवि के मुताबिक, उनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था. वहां से उन्हें एम्स के लिए रेफर किया गया है. उन्होंने कहा कि उनके पास इलाज और दवाइयों के लिए पैसे नहीं हैं. उन्होंने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि अब उनके हाथ-पांव ठीक से काम नहीं कर रहे हैं. रवि ने अपने परिवार की चिंता भी जताई. उन्होंने बताया कि उनके चार बच्चे हैं. ऐसे में अगर वह काम नहीं कर पाएंगे, तो परिवार का खर्च कैसे चलेगा. उनका आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मारपीट के साथ-साथ उन्हें गंदी-गंदी गालियां भी दीं.
भाजपा नेता के पहुंचने के बाद छोड़ने का दावा
रवि ने अपनी शिकायत में दावा किया कि रमेश सिंह नाम के भाजपा नेता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे थे. उनके मुताबिक, इसके बाद ही उन्हें छोड़ा गया. उन्होंने बताया कि थाने में रहने के दौरान उन्हें काफी परेशानी हुई और अब वह इलाज के लिए आर्थिक मदद की स्थिति में भी नहीं हैं. रवि अपने परिवार के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और अपनी शिकायत अधिकारियों के सामने रखी. उन्होंने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई किए जाने और अपनी परेशानी दूर करने की मांग की.
फरियादी के आरोपों को लेकर जब सीओ सलोन से बात की गई, तो उन्होंने फोन पर बताया कि मामला उनकी जानकारी में है. उनके मुताबिक, चोरी के मामले में शक के आधार पर रवि को पूछताछ के लिए बुलाया गया था. सीओ ने बताया कि रवि को तीन बार थाने बुलाया गया था. उन्हें 3, 5 और 6 तारीख को पूछताछ के लिए बुलाया गया और इसके बाद छोड़ दिया गया. उन्होंने कहा कि अब रवि थाने की पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं. सीओ के मुताबिक, मामले की जांच के लिए क्षेत्राधिकारी को निर्देशित किया गया है. मंदिर में हुई चोरी की जांच अभी जारी है. फिलहाल, रवि उर्फ कबीर ने पुलिस पर थर्ड डिग्री देने, मारपीट और गाली-गलौज करने के आरोप लगाए हैं. दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि उन्हें चोरी के संदेह में पूछताछ के लिए बुलाया गया था. अब मामले की जांच के बाद ही आरोपों की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी.