पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने कमिश्नरेट में बड़ा प्रशासनिक एक्शन लेते हुए चारों स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) टीमों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है. इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. आदेश के तहत सेंट्रल SOG, जोन नगर SOG, जोन गंगानगर SOG और जोन यमुनानगर SOG को खत्म कर दिया गया है. इन टीमों के प्रभारी समेत कुल 44 पुलिसकर्मियों को हटाया गया है. पुलिस कमिश्नर के आदेश के बाद चारों SOG में तैनात सभी पुलिसकर्मियों को अपने-अपने डीसीपी के सामने रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं. यानी अब ये पुलिसकर्मी SOG का हिस्सा नहीं रहेंगे और उन्हें संबंधित डीसीपी के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी.
प्रयागराज कमिश्नरेट में अब तक सेंट्रल SOG के अलावा जोन नगर, जोन गंगानगर और जोन यमुनानगर की SOG टीमें विशेष अभियानों और पुलिस के दूसरे महत्वपूर्ण कार्यों में सक्रिय थीं. पुलिस आयुक्त के आदेश के बाद इन सभी टीमों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया. कार्रवाई की जद में चारों टीमों में तैनात कुल 44 पुलिसकर्मी आए हैं. इनमें SOG के प्रभारी और टीम में शामिल दूसरे पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. सभी को अपने संबंधित डीसीपी के सामने रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है.
चारों टीमों के प्रभारी समेत 44 पुलिसकर्मी हटाए गए
चारों SOG को भंग करने के साथ ही विशेष अभियानों के लिए नई व्यवस्था भी तय की गई है. अब किसी विशेष काम के लिए अस्थायी टीम गठित करनी होगी तो इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा. इसके तहत अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था और अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय की संस्तुति जरूरी होगी. इसके बाद पुलिस कमिश्नर से अनुमोदन लिया जाएगा. स्वीकृति मिलने के बाद योग्य पुलिसकर्मियों को अस्थायी टीम के रूप में विशेष कार्य के लिए लगाया जा सकेगा. इससे साफ है कि अब विशेष अभियानों के लिए पुलिस टीमों का गठन सीधे नहीं किया जाएगा, बल्कि इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों की संस्तुति और पुलिस कमिश्नर की मंजूरी जरूरी होगी.
पुलिस कमिश्नर के इस फैसले को हाल ही में प्रयागराज के मांडा क्षेत्र में सामने आई बड़ी MD ड्रग्स फैक्ट्री की कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है. महाराष्ट्र की मीराभाईंदर-वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की अपराध प्रकटीकरण शाखा ने प्रयागराज में बड़ी अवैध MD यानी मेथामफेटामाइन ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश किया था. पुलिस ने मेजा तहसील के मांडा क्षेत्र स्थित कोसड़ा कला गांव में छापेमारी की थी. इस कार्रवाई में करीब 52 किलो 932 ग्राम MD ड्रग्स बरामद की गई थी. इसके अलावा करीब 260 लीटर रसायन और ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले अत्याधुनिक लैब उपकरण भी बरामद किए गए थे. पूरे मामले में अब तक करीब 69 किलो 759 ग्राम MD ड्रग्स, नकदी और अन्य सामान सहित कुल बरामदगी की अनुमानित कीमत करीब 139 करोड़ रुपये बताई गई है.
इतनी बड़ी मात्रा में MD ड्रग्स की बरामदगी के बाद अब प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर की ओर से चारों SOG टीमों को भंग किए जाने को लेकर पुलिस विभाग में चर्चा तेज हो गई है. हालांकि, पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि SOG टीमों को भंग करने का सीधा कारण क्या है. विभागीय स्तर पर इस कार्रवाई को पुलिसिंग और विशेष अभियानों की कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. खास बात यह है कि चारों टीमों को एक साथ भंग किया गया है और उनमें तैनात 44 पुलिसकर्मियों को भी हटा दिया गया है.
हटाए गए पुलिसकर्मियों को DCP के सामने रिपोर्ट करने का आदेश
पुलिस कमिश्नर के आदेश के बाद अब विशेष अभियानों के लिए नई टीम बनाने की प्रक्रिया भी बदल गई है. इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों की संस्तुति और पुलिस आयुक्त की मंजूरी जरूरी होगी. फिलहाल चारों SOG टीमों के भंग होने के बाद प्रयागराज कमिश्नरेट में पुलिस की विशेष ऑपरेशन व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है. वहीं 139 करोड़ रुपये की अनुमानित बरामदगी वाली MD ड्रग्स फैक्ट्री का मामला भी चर्चा में है. ऐसे में पुलिस कमिश्नर के इस फैसले को लेकर महकमे में आगे की कार्रवाई और नई व्यवस्था पर नजर बनी हुई है.