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सुई, हेयर पिन और कांच खाने लगी महिला, Pica बीमारी से पीड़िता के पेट से निकलीं 6 सुइयां

प्रयागराज में Pica बीमारी से पीड़ित महिला के पेट से डॉक्टरों ने छह सुइयों समेत कई नुकीली चीजें निकालकर उसकी जान बचाई. सुइयों ने आंत में कई जगह छेद कर दिए थे और दो सुइयां आंत को पार कर दाहिने गुर्दे तक पहुंच गई थीं. करीब ढाई घंटे की जटिल सर्जरी में सी-आर्म तकनीक से इन्हें निकाला गया.

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आंत के छेद की हुई सर्जरी.(Photo: Anand Raj/ITG)
आंत के छेद की हुई सर्जरी.(Photo: Anand Raj/ITG)

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां Pica बीमारी से पीड़ित एक महिला के पेट से डॉक्टरों ने छह सुइयां समेत कई नुकीली और अखाद्य चीजें निकालकर उसकी जान बचाई. महिला को पिछले कुछ दिनों से सुई, हेयर पिन और कांच जैसी चीजें खाने की आदत पड़ गई थी. जब मामला गंभीर हुआ तो परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे.

नुकीली वस्तुएं महिला की आंत तक पहुंच चुकी थीं और वहां कई जगह छेद हो गए थे. इस स्थिति को मेडिकल भाषा में परफोरेशन कहा जाता है. आंत में छेद होने के बाद पेट में संक्रमण फैलने लगा और आंतों से मल का रिसाव होने लगा. जांच के दौरान पता चला कि दो सुइयां आंत को पार करते हुए दाहिने गुर्दे तक पहुंच गई थीं. डॉक्टरों के लिए इन्हें निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण था.

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परिजनों ने शुरुआत में महिला को नारायण स्वरूप हॉस्पिटल के गोल्ड मेडलिस्ट डॉक्टर को दिखाया. एक्स-रे कराने पर पेट के अलग-अलग हिस्सों में कई सुइयां दिखाई दीं. इसके बाद अस्पताल में सीटी स्कैन कराया गया, जिसमें आंत में परफोरेशन की पुष्टि हुई. महिला की हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन का फैसला लिया और सर्जरी की तैयारी शुरू कर दी.

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आंत में कई छेद, पेट में फैल रहा था संक्रमण

डॉक्टरों की टीम ने करीब 2 से ढाई घंटे तक जटिल सर्जरी की. ऑपरेशन के दौरान सी-आर्म मशीन की मदद से शरीर के भीतर मौजूद सुइयों की सटीक लोकेशन पता लगाई गई. इसके बाद उन्हें सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया. खास तौर पर आंत को पार करके दाहिने गुर्दे तक पहुंच चुकी दो सुइयों को निकालना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन डॉक्टरों ने इन्हें सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया.

प्रयागराज

सर्जरी के दौरान आंतों में हुए कई छेदों की भी मरम्मत की गई. संक्रमण और मल के रिसाव को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टरों ने अस्थायी कोलोस्टॉमी बनाई. डॉक्टरों के मुताबिक, महिला की स्थिति काफी गंभीर हो चुकी थी. आंत में परफोरेशन के बाद संक्रमण फैलने से उसकी जान पर खतरा बढ़ गया था. समय पर सर्जरी नहीं होती तो स्थिति और बिगड़ सकती थी.

ऑपरेशन के बाद महिला को करीब 3 से 4 दिन तक ICU में रखा गया. डॉक्टरों की निगरानी में हालत में सुधार होने के बाद उसे जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया. अब महिला सामान्य खाना खा रही है और उसकी स्थिति पहले से बेहतर बताई जा रही है. हालांकि सिर्फ सर्जरी के बाद इलाज खत्म नहीं हुआ है, बल्कि उसके व्यवहार से जुड़ी समस्या को देखते हुए मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की निगरानी भी जारी है.

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क्या है Pica बीमारी, क्यों खाने लगता है व्यक्ति अखाद्य चीजें?

डॉक्टरों के मुताबिक, Pica एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति ऐसी चीजें खाने लगता है जो सामान्य तौर पर खाने योग्य नहीं होतीं. इनमें मिट्टी, कागज, कांच, सुई, बाल या दूसरी अखाद्य वस्तुएं शामिल हो सकती हैं. इसके पीछे मानसिक तनाव, डिप्रेशन, पारिवारिक कलह और OCD जैसी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं कारण हो सकती हैं. कई मामलों में आयरन, जिंक या अन्य पोषक तत्वों की कमी भी इसकी वजह बन सकती है.

कुछ मरीजों में बाल खाने की आदत भी विकसित हो जाती है. इस स्थिति को ट्राइकोफेजिया (Trichophagia) कहा जाता है. ऐसे मामलों में समस्या सिर्फ पेट या आंत तक सीमित नहीं रहती, बल्कि नुकीली या खतरनाक चीजें खाने पर शरीर के अंदर गंभीर चोट और संक्रमण का खतरा पैदा हो सकता है.

प्रयागराज

डॉक्टर ने लोगों से अपील की है कि अगर परिवार में किसी व्यक्ति के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई दे या वह मिट्टी, कागज, कांच, सुई, बाल अथवा दूसरी अखाद्य वस्तुएं खाने लगे तो इसे नजरअंदाज न करें. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर समय रहते डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. साथ ही मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से काउंसलिंग और आवश्यक उपचार लेना भी जरूरी है.

समय पर सर्जरी नहीं होती तो मुश्किल था बचाना

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डॉक्टर के मुताबिक, महिला की हालत उस समय बेहद गंभीर थी. आंत में कई जगह छेद होने के कारण संक्रमण फैल रहा था और मल का रिसाव भी हो रहा था. दो सुइयां आंत को पार करके दाहिने गुर्दे तक पहुंच चुकी थीं. ऐसे में देरी होने पर संक्रमण और दूसरे अंगों को नुकसान का खतरा बढ़ सकता था.

डॉक्टरों ने सी-आर्म तकनीक का इस्तेमाल कर शरीर के अंदर मौजूद सुइयों की लोकेशन का पता लगाया और करीब ढाई घंटे में जटिल ऑपरेशन पूरा किया. सर्जरी के दौरान छह सुइयों समेत अन्य नुकीली वस्तुओं को निकाला गया, आंत में हुए छेदों की मरम्मत की गई और मल के रिसाव को नियंत्रित करने के लिए अस्थायी कोलोस्टॉमी बनाई गई.

फिलहाल, महिला की हालत में सुधार है और वह सामान्य भोजन कर रही है. ICU में निगरानी के बाद उसे जनरल वार्ड में भेजा गया. साथ ही मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ उसकी काउंसलिंग और उपचार कर रहे हैं, ताकि दोबारा अखाद्य या खतरनाक चीजें खाने की आदत न लौटे. डॉक्टरों का कहना है कि इस मामले में समय पर जांच और सर्जरी ने महिला की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई.

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