गर्भावस्था में अक्सर कमाई रुक जाती है और पोषण की जरूरत बढ़ जाती है. इसी बोझ को कम करने के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) 2017 में शुरू हुई. इसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय चलाता है और यह मिशन शक्ति का हिस्सा है.
गर्भावस्था के रजिस्ट्रेशन और कम से कम एक एंटीनेटल जांच पर 3,000 रुपये
बच्चे का जन्म दर्ज होने और 14 हफ्ते तक के टीके लगने पर 2,000 रुपये
दूसरा बच्चा, सिर्फ बेटी होने पर:
जन्म के बाद एक ही किस्त में 6,000 रुपये
जो महिलाएं स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव कराती हैं, उन्हें जननी सुरक्षा योजना (JSY) की प्रोत्साहन राशि भी मिलती है. दोनों को मिलाकर पहले बच्चे पर औसतन करीब 6,000 रुपये का लाभ बनता है.
भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से मां के बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते में पहुंचता है.
कौन पात्र है?
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं, पहले जीवित बच्चे के लिए (और दूसरी बेटी होने पर दूसरे बच्चे के लिए)
केंद्र या राज्य सरकार, या सार्वजनिक क्षेत्र की नौकरी करने वाली महिलाएं, या ऐसे ही मातृत्व कानूनों के दायरे में आने वाली महिलाएं पात्र नहीं हैं.
कैसे करें आवेदन?
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महिलाएं नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या तय स्वास्थ्य केंद्र में, या PMMVY पोर्टल (pmmvy.wcd.gov.in) के जरिए रजिस्ट्रेशन करा सकती हैं, इसके लिए आधार, गर्भावस्था से जुड़ी जानकारी और बैंक खाते का विवरण चाहिए. आवेदन की स्थिति PMMVY सॉफ्टवेयर से ट्रैक की जा सकती है और SMS से भी अपडेट मिलते हैं.