Uttar Pradesh News: मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर 8 जुलाई को कलेक्ट्रेट पर हुए बवाल, लाठीचार्ज और थप्पड़ कांड के मामले में अधिवक्ता अनिल प्रधान ने एससी-एसटी कोर्ट में याचिका दायर की है. इस याचिका में एसएसपी अविनाश पांडे और 50 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है.
कोर्ट में डाली गई इस अर्जी पर अब 3 अगस्त को सुनवाई की जाएगी. याचिका में पुलिस अधिकारियों पर दलित समाज के लोगों के साथ अभद्रता करने और मानवाधिकारों का उल्लंघन करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
अधिवक्ता अनिल प्रधान का आरोप है कि ललिता की हत्या के मामले में पुलिस शुरुआत से ही लापरवाही बरत रही थी. ललिता 15 मई को लापता हुई थी और 17 मई को उसकी लाश बरामद हुई थी. पुलिस ने हत्या की जगह केवल गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की थी, जिसे बाद में हत्या में तब्दील किया गया. इसके अलावा पुलिस पर आरोपी अंकुश के भाई अंकित को बचाने का भी प्रयास करने का आरोप है.
प्रदर्शन के दौरान हुआ था लाठीचार्ज
इसी मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों और समाज के लोगों ने 8 जुलाई को पहले कमिश्नरी और फिर कलेक्ट्रेट गेट पर धरना प्रदर्शन किया था. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने दलित समाज के लोगों पर लाठीचार्ज कर दिया था. इसी पूरी घटना से नाराज होकर अब एसएसपी और 50 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया गया है.